सिटौली स्थित वन संरक्षक कार्यालय में ठेकेदार को समझाते डीएफओ केएस रावत।
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अल्मोड़ा। लीस टेंडर में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए बंसगर कठपुड़िया के ग्राम प्रधान भुवन कांडपाल ने आत्मदाह की चेतावनी दे डाली। जिस पर कठपुड़िया क्षेत्र के ग्राम प्रधान से मंगलवार को वन संरक्षक की वार्ता हुई।
उन्होंने जल्द ही बैठक कर नियमों पर विचार करने का आश्वासन दिया है। इससे पहले ग्राम प्रधान की आत्मदाह की चेतावनी देखते हुए मंगलवार को पुलिस बल समेत तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे।
लीसा टेंडर की विभिन्न शर्तों में लगातार हो रहे बदलाव को लेकर बंगसर (कठपुड़िया) के ग्राम प्रधान भुवन कांडपाल ने 26 मई को आत्मदाह की चेतावनी दी थी। जिसे लेकर मंगलवार को वन संरक्षक कार्यालय अल्मोड़ा में पुलिस बल समेत वन विभाग के आला अधिकारी पहुंचे। प्रधान कांडपाल का कहना था कि पूर्व में आरक्षित लीसा लौट खुलने पर सभी 20 प्रतिशत कम दरों में टेंडर के लिए आवेदन करते थे।
पिछले साल इसे बदल दिया गया। वहीं इस बार मार्च में टेंडर नहीं होने पर लोगों ने कार्य शुरू कर दिया। जिसका सभी ठेकेदारों ने विरोध कर कार्य बंद करवाया। उनका आरोप था कि मई में टेंडर प्रक्रिया में फिर अनियमितता रही। ग्राम प्रधान कांडपाल ने हर बार नियम बदलने और बार-बार पुराने लोगों को ही काम मिलने पर नाराजगी जताई।
उन्होंने रजिस्ट्रेशन के माध्यम से टेंडर भरने की प्रक्रिया शुरू कर एक ठेकेदार को मात्र तीन सालों के लिए ही काम देने की मांग उठाई थी। इधर, मंगलवार को प्रधान से विभागीय टीम ने वार्ता कर शीघ्र ही उनकी समस्याओं को लेकर बैठक के बाद निर्णय लेने का आश्वासन दिया। यहां वन संरक्षक प्रवीण कुमार, सिविल सोयम वन प्रभाग के डीएफओ कुशाल सिंह, वन क्षेत्राधिकारी संचिता वर्मा, वन दरोगा भुवन लाल टम्टा, वन रक्षक किशोर समेत एनटीडी चौकी प्रभारी संतोष देवरानी सहित पुलिस टीम भी पहुंची।