रानीखेत (अल्मोड़ा)। पलायन रोको, नशा हटाओं, पहाड़ बचाओ पदयात्रा का दौला, चौरा, पड्यूला और मयोली में भव्य स्वागत हुआ। ग्रामीणों ने शराब के बढ़ते प्रचलन पर भारी आक्रोश जताया। कहा कि शराब के सेवन से युवा पीढ़ी पूरी तरह से बर्बादी की कगार पर है। पूरे प्रदेश में शराब बंदी लागू होनी चाहिए।
संयोजक डॉ. प्रमोद नैनवाल ने पलायन के कारणों पर प्रकाश डाला, उन्होंने कहा कि सरकारों की अनदेखी के चलते पहाड़ के सोना उगलने वाले खेत बंजर हो गए हैं। जो लोग खेती कर भी रहे हैं, वह भी जंगली जानवरों ने तहस नहस कर दी है। सरकार जंगली जानवरों पर अंकुश लगाने के लिए भी ठोस कदम नहीं उठा रही है।
परिणामस्वरूप लोग खेती किसानी छोड़कर पलायन करने को विवश हो रहे हैं। सभी ने नशे के खात्मे की शपथ ली और भविष्य में भी जनजागरण करने का संकल्प जताया। कार्यक्रम को प्रधान दिनेश घुघत्याल, छात्र संघ अध्यक्ष चंदन नाथ, नवीन जोशी, हेम घुघ्त्याल, केएल चौधरी, महेश मौजूद थे।
अल्मोड़ा। गायत्री परिवार के लोगों ने अल्मोड़ा इंटर कालेज में छात्रों और युवाओं में बढ़ रही नशे की प्रवृति को रोकने के लिए काउंसलिंग की। साथ ही स्मैक समेत अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक किया। छात्रों ने अपने विद्यालय को व्यसन मुक्त बनाने का संकल्प लिया।
गायत्री परिवार की व्यक्तित्व विकास प्रशिक्षक डा. मीनाक्षी पांडे ने कहा कि बदलते माहौल में युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में तेजी से आ रही है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि छात्र दृढ़ इच्छा शक्ति से अपने परिवार, गांव, विद्यालय, मोहल्ला आदि को व्यसन मुक्त रखने में योगदान दे सकते हैं।
उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ स्कूलों में काउंसलिंग कार्यक्रम चलाए जाएंगे। गायत्री परिवार के भीम सिंह अधिकारी ने कहा कि ऊंची सोच को अपनाने से नशा जैसी छोटी चीजें अपने आप छूट जाती हैं। विद्यार्थी ऊंचे उद्देश्यों के लिए काम करना शुरू करें तो उन्हें सफलता जरूरत मिलेगी। प्रधानाचार्य मदनमोहन साह ने गायत्री परिवार के प्रयासों की सराहना की। इस मौके पर विद्यालय के 11वीं कक्षा के छात्रों ने स्कूल को व्यसन मुक्त बनाने का संकल्प लिया।