अल्मोड़ा। विवेकानंद हिमालयी विकास केंद्र अल्मोड़ा तथा संस्कृति निदेशालय की ओर से रामलीला मैदान धारानौला में होली महोत्सव आयोजित किया गया। होल्यारों ने गई-गई असुर तेरि नारि मंदोदरि सिया मिलन गई बागा में..., श्रीधर मुकुट खेलें होली कहां से आओ कुंवर कन्हैया कहां से आयी राधा गोरी.... आदि होली का गायन किया गया।
मुख्य अतिथि केंद्रीय सड़क और परिवहन राज्य मंत्री अजय टम्टा, मेयर अजय वर्मा, पूर्व विधायक कैलाश शर्मा, रघुनाथ सिंह चौहान, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रमेश बहुगुणा, केंद्र के संयोजक दीपक पांडे ने संयुक्त रूप से अबीर - गुलाल लगाकर महोत्सव का शुभारंभ किया। केंद्रीय मंत्री टम्टा ने कहा कि बसंत पंचमी से ही होली का रंग छाने लगता है। अल्मोड़ा की ऐतिहासिक परंपरा में दो माह चलने वाली होली में केवल अबीर गुलाल का टीका ही नहीं लगता, बल्कि बैठकी होली व खड़ी होली गायन की शास्त्रीय परंपरा का प्रदर्शन भी किया जाता है।
मेयर अजय वर्मा ने कहा कि बरसाने की होली के बाद अल्मोड़ा की होली का प्रमुख स्थान है। पूर्व विधायक कैलाश शर्मा ने कहा कि वर्तमान में होली के बदलते स्वरूप में महिलाओं का योगदान भी महत्वपूर्ण है। महिलाओं के बिना होली का पर्व अधूरा है। कला, संस्कृति के क्षेत्र में महिलाओं की होली का सबसे बड़ा क्रेज स्वांग का है , जिसमें महिलाएं सामाजिक कुरीतियों पर कटाक्ष करती हैं। इस दौरान वे अनेक किरदार तथा वेश भूषा में नजर आती हैं। आयोजक विवेकानंद हिमालय विकास केंद्र के संयोजक दीपक पांडे ने सभी का आभार जताया।
स्वांग और झोड़ा गायन की प्रस्तुति रही आकर्षण का केंद्र
इस दौरान महिला बैठकी होली का भी आयोजन किया गया। गोलना करड़िया (धारानौला), सरसों, जन शिक्षण संस्थान धारानौला, देवी मंदिर खत्याड़ी, मां भगवती समिति, मां दुर्गा शक्ति समिति , इंदिरा कॉलोनी अल्मोड़ा, भुवनेश्वर समिति, आवास विकास समिति, त्रिपुरा सुंदरी महिला टीमों ने होली गायन किया। स्वांग और झोड़े की प्रस्तुति दी। सर्वश्रेष्ठ टीमों को पुरस्कृत किया गया। वहां मनोज सनवाल, रिकी भट्ट, सीएस नैनवाल, सभासद कुलदीप मेर, श्याम पांडे, संजय जोशी, विनय जोशी, टीटू बोरा, भोपाल मनराल, दीपक जोशी, हर्षा नैनवाल, हेमा कांडपाल, पवन जोशी, भगवान रावत, हीरा कनवाल, विमला तिवारी, दीपा बिष्ट, मनमोहन सिंह , श्वेता चन्याल आदि मौजूद रहे।