अल्मोड़ा। एसएसजे विश्वविद्यालय का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने स्मैक से जुड़ी सामग्री मिलने के मामले में जांच को लेकर परिसर निदेशक और डीएसडब्ल्यू का पुतला फूंका। नवनियुक्त परिसर निदेशक का घेराव भी किया। कार्यकर्ताओं ने नए निदेशक और डीएसडब्ल्यू से त्यागपत्र देने की भी मांग की।
पिछले दिनों एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने छात्रसंघ पदाधिकारियों के क्रियाकलापों पर सवाल उठाए थे। तब कॉलेज प्रशासन ने छात्रसंघ भवन का निरीक्षण किया तो वहां स्मैक में इस्तेमाल होने वाली आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई, जिसके बाद विवाद बढ़ गया था। मामले में एसएसजे के निदेशक और प्रॉक्टर ने इस्तीफा तक दे दिया था। दो दिन पूर्व प्रो. नीरज तिवारी को परिसर का नया निदेशक नियुक्त किया गया। शुक्रवार को एक बार फिर कॉलेज का माहौल गरमा गया। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने नवनियुक्त निदेशक प्रो. नीरज और डीएसडब्लयू प्रो. जया उप्रेती का पुतला फूंका। कार्यकर्ताओं ने कहा कि मामले में इतने दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक न जांच हो पाई है और न ही इसमें कोई कार्रवाई की जा रही है। नारेबाजी करते हुए छात्र निदेशक के कार्यालय पहुंचे और घेराव कर दिया।
निदेशक प्रो. तिवारी ने कहा कि उन्हें कार्यभार ग्रहण किए अभी मात्र दो ही दिन हुए हैं। मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होने छात्रों को मामले की कार्रवाई के लिए तीन दिनों के भीतर जानकारी देने का लिखित आश्वासन दिया। इस मौके पर विपुल कार्की, राहुल खोलिया, ललित सतवाल, संजू सिंह, संदीप तड़ागी आदि रहे।
जांच कमेटी की बैठक में नहीं पहुंचीं डीएसडब्ल्यू
अल्मोड़ा। एसएसजे विवि के छात्रसंघ भवन में आपत्तिजनक सामग्री मिलने के मामले में शुक्रवार को दूसरी बार जांच कमेटी की बैठक में डीएसडब्ल्यू नहीं पहुंची।
शुक्रवार को एसएसजे विवि में सुबह जांच कमेटी अध्यक्ष प्रो. भीमा मनराल की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें पूर्व निदेशक प्रो. जगत सिंह बिष्ट, प्रभारी प्रॉक्टर संजीव आर्या मौजूद रहे, लेकिन डीएसडब्ल्यू प्रो. जया उप्रेती नदारद रहीं। उन्होने पत्र भेजकर पूर्व छात्रसंघ महासचिव आशीष पंत के बैठक में मौजूद रहने पर आपत्ति जताई। कहा जब तक आशीष बैठक में रहेंगे वह खुद इसमें हिस्सा नहीं लेंगी।
बैठक में प्रो. बिष्ट और संजीव आर्या के बयान लिए गए। पूरी घटना की जानकारी ली गई। इसके साथ ही अब कॉलेज में सोमवार को नशा उन्मूलन प्रकोष्ठ गठित करने का भी निर्णय लिया गया, जबकि डीएसडब्ल्यू के बैठक में शामिल नहीं होने पर अगली बैठक करने का भी फैसला लिया गया। इस मौके पर अध्यक्ष प्रो. भीमा मनराल के अलावा जांच कमेटी सदस्य डॉ. देवेंद्र सिंह बिष्ट, डॉ. एके नवीन, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष राजन चंद्र जोशी, पूर्व महासचिव आशीष पंत मौजूद रहे।
एसएसजे विवि में निदेशक प्रोफेसर नीरज तिवारी का घेराव करते एनएसयूआई कार्यकर्ता।- फोटो : ALMORA