जिला प्रशासन ने विभिन्न कर्मचारी संगठनों, राजनीतिक दलों, छात्र संगठनों, ग्रामीणों और अन्य लोगों के धरने प्रदर्शन के लिए स्थान निर्धारित कर दिए हैं। यह संगठन अपने संवैधानिक अधिकारों के तहत मालरोड में गोविंद बल्लभ पंत पार्क और चौघानपाटा में गांधी पार्क में धरना प्रदर्शन कर सकेंगे।
मालूम हो कि उच्चतम न्यायालय दिल्ली के आदेश के क्रम में उच्च न्यायालय नैनीताल उत्तराखंड द्वारा दिए गए निर्देशों के बाद उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पर्यावरण वन मंत्रालय सरकार के ध्वनि प्रदूषण (विनियम एवं नियंत्रण ) नियमावाली 2000 के प्रस्तर 3 (5) के तहत 50 डेसिबिल से अधिक ध्वनि प्रदूषण न्यायालय परिसर, अस्पताल, शैक्षिक संसाधानों आदि स्थानों की 100 मीटर परिधि में निषिद्ध है। जिला प्रशासन ने इस संबंध में गत दिनों आदेश जारी किए थे।
जिला प्रशासन के इस आदेश का विभिन्न संगठन विरोध कर रहे हैं। उप जिला मजिस्ट्रेट एनएस नगन्याल ने बताया कि अधिशासी अधिकारी नगर पालिका और प्रभारी निरीक्षक कोतवाली की संस्तुति के आधार पर इस आदेश के अनुपालन में कर्मचारी संगठनों, राजनीतिक दलों, छात्र संगठनों, ग्रामीणों और अन्य के धरना प्रदर्शन, रैली जुलूस के लिए मालरोड में गोविंद बल्लभ पंत पार्क और गांधी पार्क को चयनित किया गया है, ताकि इन संगठनों, राजनीतिक दलों, ग्रामीणों आदि को अपने संवैधानिक अधिकारों के प्रयोग में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं हो।