फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जीबी पंत पर्यावरण संस्थान बना राष्ट्रीय संस्थान

Thu, 09 Jun 2016 10:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
विज्ञापन
अल्जीमोड़ा का बी पंत पर्यावरण संस्थान - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
 गोविंद बल्लभ पंत हिमालय पर्यावरण एवं विकास संस्थान कोसी कटारमल राष्ट्रीय संस्थान के रूप में उच्चीकृत हो गया है। अब यह संस्थान जीबी पंत नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन एन्वायरमेंट एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट के नाम से जाना जाएगा। संस्थान के शासी निकाय के अनुमोदन और पर्यावरण वन मंत्रालय की स्वीकृति के बाद भारत सरकार ने संस्थान को राष्ट्रीय संस्थान घोषित कर नया नाम दिया है।
विज्ञापन


गत वर्ष 10 सितंबर को संस्थान के वार्षिकोत्सव में पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने संस्थान को राष्ट्रीय संस्थान के रूप में उच्चीकृत करने की घोषणा की थी। इस आशय का पत्र छह जून को संस्थान को मिल गया है। पंत संस्थान पिछले 27 सालों से हिमालय के पर्यावरण और विकास संबंधी शोध कार्यों में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।  संस्थान 12 हिमालयी राज्यों के शोधार्थियों को आपसी समन्वय से सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए मंच प्रदान कर रहा है।

शोध कार्यों की गुणवत्ता और महत्ता को देखते हुए संस्थान को पिछले साल हिमालयन यूनिवर्सिटी कंसोर्सियम में विश्व के 43 देशों के चुनिंदा विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों के साथ आजीवन सदस्यता मिली है।
विज्ञापन


संस्थान के निदेशक डा. पीपी ध्यानी ने बताया कि इस संबंध में संस्थान को भारत सरकार से पत्र मिल गया है। यह उपलब्धि संस्थान के वैज्ञानिकों, शोधार्थियों, कर्मचारियों के पिछले दो वर्षों के समन्वित अथक प्रयासों का परिणाम है। संस्थान के राष्ट्रीय स्तर पर उच्चीकृत होने पर अब जन सहयोग से हिमालयी क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं और यहां के निवासियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर दीर्घकालिक योजना बनाई जाएगी। इस योजना की प्रासंगिकता और संस्थान के उच्चीकरण से जुड़ी संसाधनों की मांग के आंकलन के लिए शीघ्र ही पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा गठित एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक प्रस्तावित है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें