अल्मोड़ा। जिले के अस्पतालों से लंबे समय से गायब 43 डॉक्टरों को मुख्य चिकित्साधिकारी ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में कहा गया है कि 15 दिन के भीतर ड्यूटी पर नहीं आने पर निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। इनमें कई डॉक्टर तो दस साल से भी अधिक समय से लापता हैं।
बता दें कि जिले में डॉक्टरों की पहले से ही काफी कमी बनी हुई है उस पर 43 डॉक्टर कई सालों से गायब हैं। सालों से ड्यूटी पर नहीं आने वाले इन डॉक्टरों ने न तो नौकरी छोड़ी है और न ही विभाग ने ही इनको बर्खास्त किया है। जिससे इनके पद रिक्त भी घोषित नहीं किए जा सके हैं। गायब रहने वाले डॉक्टरों में पांच बेस अस्पताल अल्मोड़ा और तीन जिला अस्पताल अल्मोड़ा के हैं। इसके अलावा ज्यादातर डॉक्टरों की तैनाती ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में है। इनमें एक डॉक्टर 2004 से और एक 2006 से गायब है, लेकिन उन्हें आज तक सेवा से बाहर नहीं किया गया है। अब वर्षों बाद विभाग जागा है और इन 43 डॉक्टरों को सार्वजनिक नोटिस जारी कर दिए गए हैं। सीएमओ द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि यदि इन डॉक्टरों ने 15 दिन के भीतर चार्ज नहीं संभाला तो यह समझा जाएगा कि वह राजकीय सेवा नहीं करना चाहते और उनके खिलाफ कर्मचारी आचरण नियमावली के तहत निलंबन की कार्रवाई होगी। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. विनीता साह ने बताया है कि यदि 15 दिन के भीतर डॉक्टरों ने कार्यभार नहीं संभाला तो उनके खिलाफ नियमानुसार
कार्रवाई की जाएगी।
20 साल काटने की जुगत में हैं कई डॉक्टर
अल्मोड़ा। बताया गया है कि इनमें कई डॉक्टर ऐसे भी हैं जो किसी तरह 20 साल की अवधि तक सेवा में बने रहना चाहते हैं क्योंकि 20 साल की सेवा पूरी करने के बाद वह पेंशन के हकदार बन जाते हैं।
चार डॉक्टरों के त्यागपत्र नहीं हुए मंजूर
अल्मोड़ा। दिलचस्प यह भी है कि जिन 43 डॉक्टरों को नोटिस जारी किए गए हैं उनमें चार डॉक्टर पूर्व में ही त्यागपत्र दे चुके हैं जबकि एक ने वीआरएस के लिए आवेदन किया है, लेकिन इसके बावजूद शासन से आदेश नहीं आने के कारण उन्हें सेवा से बाहर नहीं किया जा सका है। सीएमओ की ओर से इन डॉक्टरों को भी नोटिस भेजा जा रहा है।