घनी आबादी वाले शहर में एक भी स्लाटर हाउस नहीं है। इसके नहीं होने के बावजूद शहर में रोज बकरे और भैंस आदि काटकर बेचे जाते हैं। जिससे मानकों की अवहेलना हो रही है। पशु चिकित्साधिकारी की जांच के बिना ही बकरे और भैंस आदि काटकर मांस बाजारों में खुले आम बेचा जा रहा है। बाजार में बिकने वाले मांस की दुकानों में न तो जांच होती है और न ही कारोबारियों को कोई दिशा निर्देश दिए जाते हैं।
नगर में मुर्गा और मछली की 28 और मीट की 16 लाइसेंसी दुकानें हैं। नियम के मुताबिक शहर में स्लाटर हाउस होना अनिवार्य है। जहां जानवरों के रखने के लिए पर्याप्त जगह होने के अलावा काटने वाली जगह के लिए अलग कमरा, डाक्टर रूम आदि की व्यवस्था होनी चाहिए। पशु चिकित्साधिकारी द्वारा जांच के बाद मोहरिर द्वारा जानवर पर निशान लगाया जाता है।
इसके बाद ही बकरे और भैंस का मांस बाजार में बेचा जा सकता है, लेकिन शहर में एक भी स्लाटर हाउस नहीं है और बाजारों में हर रोज मानकों को पूरा किए बगैर ही मीट बिक रहा है। कई बार मीट,मुर्गे और मछली की दुकानों में पर्याप्त सफाई आदि भी नहीं रहती। इधर पालिका के सफाई निरीक्षक लक्ष्मण सिंह ने बताया कि दुकानों में सफाई व्यवस्था के लिए वह लगातार चेकिंग करते हैं। इधर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि पूर्व में एनटीडी में एक स्लाटर हाउस था, लेकिन यह स्लाटर हाउस भी मानकों के मुताबिक नहीं चल रहा था। उन्होंने बताया कि शासन को स्लाटर हाउस के लिए नया प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी का पद चार साल से खाली
अल्मोड़ा। गर्मी के मौसम में बाजारों में बिकने वाली खाद्य सामग्री की चेकिंग के लिए नगर स्वास्थ्य अधिकारी का पद पिछले चार साल से अधिक समय से खाली है। जिसके अभाव में नगर पालिका के अंतर्गत होटलों के अलावा सब्जी और फल आदि की दुकानों की समय-समय पर चेकिंग नहीं हो पा रही है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी का पद खाली होने के कारण खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग आदि नहीं हो पा रही है। इधर पालिका के अधिशासी अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि नगर स्वास्थ्य अधिकारी की नियुक्ति के लिए स्वास्थ्य विभाग को पत्र भेजा गया है। उन्होंने बताया कि फिलहाल नगर स्वास्थ्य अधिकारी का कार्य वह खुद देख रहे हैं।