रानीखेत (अल्मोड़ा)। सर्दियों में भी रानीखेत क्षेत्र में लोगों को पानी की समस्या से दो चार होना पड़ रहा है। गगास पेयजल पंपिंग योजना के पाइप फट जाने के कारण तीन दिनों से पानी का संकट खड़ा हो गया है। तिपौला पंपिंग योजना का एक पंप भी लगभग दो हफ्ते से खराब पड़ा है, जिस कारण इस योजना से भी आधी पंपिंग हो रही है। पर्याप्त पानी नहीं मिलने से लोग जल स्रोतों पर निर्भर हैं।
गगास पेयजल पंपिंग योजना 1970 में बनी थी। इस योजना से ग्रामीण और सैन्य क्षेत्र को पानी की आपूर्ति होती है। सैन्य क्षेत्र को जोड़ने वाली लाइनों का पुनर्गठन हो चुका है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाली पाइप लाइनें जीर्ण-शीर्ण हो गई हैं। ताड़ीखेत, गनियाद्योली, चिलियानौला, पिलखोली, जैनोली सहित विकासखंड की 28 ग्राम सभाओं को इस योजना से आपूर्ति होती है। बताया जा रहा है। तीन दिन पहले गगास योजना की पाइप लाइन फट गई, जिस कारण पानी का संकट खड़ा हो गया। हाल ही में बनी तिपौला ग्राम समूह योजना से आपूर्ति की उम्मीद थी, लेकिन बताया जा रहा है कि इस योजना का भी एक पंप दो हफ्ते से कार्य नहीं कर रहा है, जिस कारण आधी पंपिंग हो रही है।
गगास योजना के पाइप फट गए थे, इसे अब ठीक कर लिया गया है। योजना से जुड़े गांवों में छह जनवरी से आपूर्ति बहाल हो जाएगी। जबकि तिपौला योजना में पंपिंग आधी हो रही है। जिस कारण आपूर्ति कम हो पा रही है।
मनोज पांडे, अवर अभियंता जल संस्थान, चिलियानौला रानीखेत।