अल्मोड़ा। जिले में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। महिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट के न होने से दो दिन से अल्ट्रासाउंड जांच नहीं हो पा रही है। इस वजह से गर्भवतियों की दिक्कत बढ़ गई है। जिला अस्पताल से संबद्ध रेडियोलॉजिस्ट को भी बेस भेज दिया गया है। इसके चलते यहां अल्ट्रासाउंड कक्ष में ताले पड़े हैं।
महिला अस्पताल में रोजाना अल्ट्रासाउंड जांच के लिए 50 से अधिक गर्भवतियां पहुंचतीं हैं। आजादी से पहले खुले महिला अस्पताल में अब तक रेडियोलॉजिस्ट का पद सृजित नहीं है। जिला अस्पताल से रेडियोलॉजिस्ट संबद्ध कर अल्ट्रासाउंड हो रहे थे लेकिन दो दिन पूर्व यहां तैनात एकमात्र रेडियोलॉजिस्ट को बेस अस्पताल भेज दिया गया। इससे यहां अल्ट्रासाउंड जांचें ठप हो गईं हैं। शुक्रवार को भी यहां 30 से अधिक गर्भवतियां दूर-दराज से अल्ट्रासाउंड जांच के लिए पहुंचीं लेकिन कक्ष के दरवाजे बंद होने से उन्हें अन्य अस्पतालों का रुख करना पड़ा।
केस- एक
कोसी की नेहा ने बताया कि वह सुबह ही जांच के लिए पहुंची। लेकिन महिला अस्पताल के अल्ट्रासाउंड कक्ष के ताले नहीं खुले। मजबूरन निजी क्लीनिक में जांच करानी पड़ी।
केस -दो
हवालबाग की कविता ने बताया कि वह दो दिन से अल्ट्रासाउंड जांच के लिए अस्पताल के चक्कर काट रहीं हैं। मगर रेडियोलॉजिस्ट न होने से जांच नहीं हुई। बताया कि हर रोज अस्पताल आना संभव नहीं है।
महिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट का पद सृजित नहीं है। जिला अस्पताल से रेडियोलॉजिस्ट संबद्ध किए गए थे, जिन्हें बेस भेजा गया है। ऐसे में दिक्कत आई है।
- डॉ. प्रीति पंत, सीएमएस, महिला अस्पताल, अल्मोड़ा।