कपकोट (बागेश्वर)। तहसील कार्यालय में तैनात एसडीएम प्रशिक्षण के चलते जिले से बाहर हैं। तहसीलदार का पद रिक्त चल रहा है। क्षेत्र के लोग अपने कई जरूरी कार्यों के कार्यालय पहुंच रहे हैं। अधिकारी नहीं मिलने पर लोगों को वापस लौटना पड़ रहा है। स्थाई अधिकारी नहीं होने से लोगों के ऑनलाइन प्रमाणपत्र भी लंबित हो रहे हैं।
जिले की दूरस्थ तहसील में स्थायी एसडीएम और तहसीलदार नहीं हैं। तहसील प्रशासन प्रभारी के भरोसे संचालित हो रहा है। कांडा के एसडीएम ललित मोहन तिवारी और तहसीलदार नितीशा आर्या को कपकोट तहसील का प्रभार दिया गया है। दो-दो तहसीलों का प्रभार होने से रोजाना तहसील में पहुंचना संभव नहीं है।
एसडीएम और तहसीलदार सप्ताह में तीन दिन कांडा और तीन दिन कपकोट में सेवा दे रहे हैं। तहसील कार्यालय में नियमित एसडीएम और तहसीलदार नहीं होने से लोगों को अपने प्रमाणपत्र और राजस्व संबंधी मामलों के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोग लंबे समय से स्थायी एसडीएम और तहसीलदार की नियुक्ति करने की मांग कर रहे हैं।