भैंसियाछाना ब्लॉक मुख्यालय के इस भवन में तहसील का संचालन प्रस्तावित है। संवाद
धौलछीना (अल्मोड़ा)। क्षेत्र में 117 गांवों के ग्रामीणों की तहसील संचालन की उम्मीद दम तोड़ रही है। तहसील का शासनादेश जारी कर इसे ब्लॉक मुख्यालय में संचालित करने के दावे किए गए। नए भवन के लिए भूमि चयन में भी तत्परता दिखाई गई लेकिन 10 साल बाद भी तहसील का संचालन न होने से क्षेत्र के लोग परेशान हैं।
धौलछीना में वर्ष 2013 में तत्कालीन सरकार ने तहसील का शासनादेश जारी किया था। तब ब्लॉक मुख्यालय के पुराने भवन में इसके जल्द संचालन के दावे किए गए जिससे क्षेत्र के लोगों के चेहरे पर मुस्कान थी लेकिन 10 साल बाद भी तहसील नहीं खुल सकी और ब्लॉक मुख्यालय का पुराना भवन भी इसके संचालन की राह देख रहा है। हैरानी की बात यह है कि प्रशासन ने तत्परता दिखा तब नए भवन के लिए मुख्य बाजार के पास 10 नाली भूमि का चयन भी किया लेकिन अब इस जमीन पर उगी झाड़ियां सरकारी मशीनरी के विकास के खोखले दावों की हकीकत बयां कर रहीं हैं। क्षेत्र की पंद्रह हजार से अधिक की आबादी को तहसील खुलने का इंतजार है।
लोग झेल रहे हैं परेशानी
धौलछीना। क्षेत्र के लोग तहसील का संचालन न होने से खासी परेशानी झेल रहे हैं। उन्हें तहसील संबंधी हर छोटे-बड़े काम के लिए 50 किमी दूर जिला मुख्यालय जाना पड़ रहा है जिसमें उनका समय और धन दोनों बर्बाद हो रहे हैं। लोगों की इस परेशानी को पूरी तरह अनदेखा कर दिया गया है। तहसील संचालन के नियुक्त कर्मी मुख्यालय संबद्ध कर दिए गए। ऐसे में क्षेत्रवासी परेशान हैं
चुनाव के समय होते हैं जल्द तहसील संचालन के दावे
धौलछीना। प्रधान संगठन के अध्यक्ष चंद्र सिंह मेहरा ने कहा कि चुनाव के समय जल्द तहसील संचालन के दावे किए जाते हैं। क्षेत्र में पहुंचा हर नेता इसका आश्वासन देने से पीछे नहीं हटता लेकिन चुनाव खत्म होते ही सभी दावे और आश्वासन हवाई साबित होते हैं। कहा कि अब कोरे आश्वासन बर्दाश्त नहीं होंगे। जल्द तहसील का संचालन नहीं हुआ तो क्षेत्र के लोग लोकसभा चुनाव का बहिष्कार कर बड़ा आंदोलन करेंगे।
यह प्रकरण मेरी जानकारी में नहीं है। इसकी जानकारी ली जाएगी। तथ्य जुटाने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। - विनीत तोमर, डीएम, अल्मोड़ा।