रानीखेत (अल्मोड़ा)। पस्तोड़ावार के ग्रामीणों की तर्ज पर अब तहसील के सुदूरवर्ती दलमोटी बटुलिया के ग्रामीणों ने भी रोड नहीं तो वोट नहीं का नारा बुलंद कर दिया है। यह क्षेत्र सोमेश्वर विधानसभा का हिस्सा है। क्षेत्र में चार सौ से अधिक मतदाता हैं। ग्रामीण 2004 में स्वीकृत आठ किमी लंबी कालिका-दलमोटी सड़क का निर्माण कार्य पूरा नहीं होने से आक्रोशित हैं।
प्रधान खष्टी देवी की अध्यक्षता में हुई खुली बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि लंबे समय से वह लोग सड़क सुविधा से वंचित हैं। अभाव के चलते ग्रामीणों को आठ से 10 किमी की दूरी तय कर कालिका पहुंचना पड़ता है, इसके बाद सामान खरीदने चार किमी रानीखेत आना पड़ता है। बीमार को अस्पताल पहुंचाने में भी ग्रामीणों के पसीने छूट जाते हैं।
अविभाजित यूपी के समय से ग्रामीण गांव तक सड़क पहुंचाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। तमाम कोशिशों के बाद 2004 में कालिका-दलमोटी आठ किमी सड़क को मंजूरी मिली। 2006 में सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ, लेकिन पांच किमी सड़क बनने के बाद शेष हिस्सा छोड़ दिया गया, इसके लिए फिर से आंदोलन हुआ।
लोनिवि के अधिकारियों ने बताया कि शेष सड़क के निर्माण में वन भूमि का मामला आड़े आ रहा है। जिसे आज तक स्वीकृति नहीं मिल पाई है। ग्रामीणों ने कहा कि गांव की जनसंख्या 550 है, जिसमें 400 से अधिक वोटर हैं। यह हिस्सा सोमेश्वर विधानसभा में आता है। तय हुआ कि ग्रामीण इस बार मतदान में हिस्सा नहीं लेंगे। इस संबंध में उपजिलाधिकारी को ज्ञापन भी भेजा गया है। संपूर्ण कार्यक्रम में सरपंच चंदन सिंह, विद्या अधिकारी, गोविंद सिंह, दीपा देवी, शिव सिंह, पूरन सिंह, गोपाल सिंह, धरमा सिंह बहादुर सिंह, हीरा सिंह, पान सिंह, कृपाल सिंह, सुरेंद्र सिंह, शिव सिंह सहित तमाम ग्रामीण शामिल थे।