अल्मोड़ा का जिला अस्पताल भवन। संवाद
अल्मोड़ा। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के दावे तो खूब हो रहे हैं लेकिन अस्पतालों में उपचार के लिए स्थायी डॉक्टर नहीं हैं। अल्मोड़ा का जिला अस्पताल इसका प्रमाण है। हैरानी की बात यह है कि यहां हड्डी के उपचार के लिए एक भी डॉक्टर नहीं है। हड्डी रोग विशेषज्ञ के दो पदों के सापेक्ष एक पर भी स्थायी नियुक्ति नहीं हो सकी है। बेस अस्पताल से डॉक्टर को यहां संबद्ध कर मरीजों का उपचार हो रहा है।
जिला अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ के दो पद स्वीकृत हैं। एक पद कई साल से खाली है और दूसरे हड्डी रोग विशेषज्ञ ने उच्च शिक्षा के लिए 15 दिन पूर्व सेवा छोड़ दी। ऐसे में यहां सृजित पदों के सापेक्ष कोई हड्डी रोग विशेषज्ञ तैनात नहीं हैं। इससे मरीजों के साथ ही अस्पताल प्रबंधन की भी परेशानी बढ़ गई है।
बेस अस्पताल से यहां एक हड्डी रोग विशेषज्ञ को संबद्ध किया गया है। तभी मरीजों को उपचार मिल पा रहा है। लोगों ने यहां हड्डी रोग विशेषज्ञ की स्थायी नियुक्ति की मांग की है।
ऑपरेशन के साथ उपचार करना हुआ मुश्किल
अल्मोड़ा। जिला अस्पताल में हड्डी रोग से जूझते हुए हर रोज 50 से अधिक मरीज पहुंचते हैं। यहां हर रोज दो से अधिक हड्डी संबंधी ऑपरेशन भी होते हैं। ऐसे में एकमात्र डॉक्टर के ऑपरेशन में जाने से अन्य मरीजों को उपचार के लिए घंटों इंतजार करना या निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। इससे भी लोगों को परेशानी हो रही है।
कुछ दिन पहले ही यहां तैनात एक हड्डी रोग विशेषज्ञ सेवा छोड़कर चले गए हैं। बेस अस्पताल से एक डॉक्टर संबद्ध हैं जो मरीजों का उपचार कर रहे हैं। खाली पदों पर नियुक्ति शासन स्तर से ही संभव है। - डॉ. पीके सिन्हा, पीएमएस, जिला अस्पताल, अल्मोड़ा।