जल स्रोतों और हैंडपंपों से पानी ढो रहे हैं ग्रामीण
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सल्ट विकासखंड के आधा दर्जन से अधिक गांवों में चौथे दिन भी पेयजल आपूर्ति ठप रही। ठंड के दिनों में पानी नहीं मिलने के कारण ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों का अधिकांश समय परिवार और मवेशियों के लिए पानी जुटाने में ही बर्बाद हो जा रहा है। । ग्रामीण दो से तीन किमी दूर स्थित जल स्रोतों और हैंडपंपों से पानी ढो रहे हैं।
गुलार-करगेत पेयजल योजना से सल्ट विकासखंड के मौलेखाल, शशिखाल, सदरखोला, घसकोट, पोखरी, बैला, देवायल, करगेत आदि गांवों में जलापूर्ति की जाती है। इन गांवों में बुधवार को चौथे दिन भी पेयजल आपूर्ति ठप रही।
चार दिनों से पानी नहीं मिलने के कारण ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण दो से तीन किमी दूर प्राकृतिक जल स्रोत और हैंडपंपों से पानी ढो रहे हैं। पेयजल स्रोतों मेें सुबह से ही पानी के लिए ग्रामीणों की भीड जुट रही है।
इसके बाद भी लोगों को जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिल रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि गुलार-करेगत पेयजल योजना के पाइप जीर्ण-शीर्ण हालत में हैं। इस कारण गांवों में आए दिन पेयजल संकट बना रहता है।
ग्रामीणों ने कहा कि इस संबंध में जल संस्थान को कई बार सूचना दी लेकिन पाइप नहीं बदले गए। पेयजल योजना में आए दिन गड़बड़ी हो जाती है। इस कारण जाड़ों के दिनों में भी पेयजल संकट बना रहता है। उन्होंने गांवों में पेयजल आपूर्ति शीघ्र सुचारु करने की मांग की है।