रानीखेत (अल्मोड़ा)। रानीखेत उपमंडल के सबसे बड़े राजकीय अस्पताल की समस्याओं को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता आठवें दिन भी धरने पर डटे रहे। ब्लॉक प्रमुख हीरा रावत के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन को भारी संख्या में कार्यकर्ताओं का समर्थन मिल रहा है।
अस्पताल में दो साल से फिजिशियन नहीं है, तमाम विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं होने के कारण रोगियों की आए दिन परेशानी हो रही है। विधायक करन माहरा ने शीघ्र मांग पूरी नहीं होती तो आमरण अनशन शुरू करने की चेेतावनी दी है।
अनिश्चितकालीन धरने का नेतृत्व ब्लाक प्रमुख हीरा रावत कर रहे हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं, पंचायत प्रतिनिधियों के अलावा पूर्व सैनिक भी आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं। दूर दराज से क्षेत्रीय जनता भी इस आंदोलन को अपना समर्थन दे रही है। लोगों का कहना है कि एकमात्र बड़ा अस्पताल अव्यवस्थाओं का शिकार हो चला है।
धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि फिजिशियन अस्पताल की रीढ़ होते हैं लेकिन दो साल से इस पद को नहीं भरा जाना सरकार की हठधर्मिता है। ब्लाक प्रमुख हीरा ने कहा कि अस्पताल में तमाम तरह की अव्यवस्थाएं हैं, यहां पहुंचने वाले गरीब रोगी और उनके तीमारदार परेशान होते हैं, जबकि इस अस्पताल से गढ़वाल क्षेत्र के लोग भी जुड़े हुए हैं।
उन्होंने कहा कि आठ दिनों से आंदोलन चल रहा है, लेकिन सरकार के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही। अब शीघ्र ही क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा। यहां पूर्व प्रमुख रचना रावत, जिला पंचायत सदस्य सुरेश फर्त्याल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष महेश आर्या, नगर अध्यक्ष उमेश भट्ट, ब्लाक अध्यक्ष गोपाल देव, अराध्या रावत, जय बल्लभ उप्रेती, दिनेश तिवारी, प्रेम पवार आदि रहे।