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जिले में केमू की बसों का संचालन नहीं होने से यात्री रहे हलकान

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अल्मोड़ा। यात्री किराया बढ़ाने की मांग राज्य सरकार से खारिज करने से नाराज कुमाऊं मोटर्स ऑनर्स यूनियन (केमू) की बसों का संचालन दूसरे दिन सोमवार को भी ठप रहा।
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जिले की 44 रूटों में केमू की बसों का संचालन ठप रहा। पहाड़ की जीवन रेखा केमू की बसें न चलने से यात्री हलाकान रहे। यात्री टैक्सी, जीपों में महंगा किराया चुकाकर गंतव्य को रवाना हुए।
माल रोड स्थित केमू स्टेशन से बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, जैंती समेत विभिन्न रूटों पर करीब 44 बसों का संचालन होता है। सोमवार को दूसरे दिन भी केमू की हड़ताल के चलते बसों का संचालन ठप रहा। केमू की कुछ बसें स्टेशन में ही खड़ी रही। इस कारण जिला मुख्यालय से पहाड़ को जाने वाले यात्री परेशान रहे।
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गंतव्य को जाने के लिए यात्री वाहनों की तलाश में भटकते रहे। अन्य दिनों केमू स्टेशन में यात्रियों की चहल-पहल रहती थी लेकिन सोमवार को यहां सन्नाटा पसरा रहा। केमू स्टेेशन में कुछ सरकारी वाहन खड़े नजर आए। केमू चालक, परिचालक, मालिकों का कहना है कि मांग पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी।
रोडवेज की 11 बस सेवाएं हुईं रद्द
अल्मोड़ा। चालकों की कमी के चलते सोमवार को रोडवेज की 19 में से 11 बसों का संचालन स्थगित रहा। सोमवार सुबह को रोडवेज की देहरादून, अटपेसिया-दिल्ली, धरमघर, दिल्ली, टनकपुर, लमगड़ा-दिल्ली, बेतालघाट-दिल्ली, मासी, धरमघर-दिल्ली, शाम पांच बजे देहरादून, शाम साढ़े पांच बजे दिल्ली रूट की बस का संचालन ठप रहने से यात्रियों को दिक्कतों से जूझना पड़ रहा।
चालक, परिचालकों ने बताया कि उनका कोरोना टीकाकरण नहीं हो सका है। इस कारण वह कोरोनाकाल में दिल्ली समेत अन्य रूटों पर ड्यूटी पर जाने से डर रहे हैं।
केएमओयू की हड़ताल से स्टेशन पर सन्नाटा
बागेश्वर। केएमओयू की हड़ताल के बाद बस स्टेशन पर सन्नाटा पसर गया है। गाड़ियों के न चलने से यात्री भी परेशान हो रहे हैं। लोग रोडवेज और टैक्सियों में सफर कर रहे हैं।
जिले में रोजाना 55 केएमओयू की बसों का संचालन होता है। इनमें लंबी दूरी के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के रूट भी शामिल हैं। इधर कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने बसों में 50 प्रतिशत यात्री बैठाने का आदेश जारी किया है, लेकिन किराया नहीं बढ़ाया गया है।
इस कारण बसों के संचालन में नुकसान हो रहा है। बस संचालकों ने पूरी क्षमता से यात्रियों को बैठाने या किराया दोगुना करने की मांग की है।
इधर बसों का संचालन ठप होने से यात्री परेशान हो रहे हैं। हल्द्वानी, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, रानीखेत, सोमेश्वर आदि स्थानों को जाने वाले लोगों ने कहा कि केएमओयू की बसें जरूरी सेवा में शामिल हैं। सरकार को जल्द इनकी समस्या का निदान करना चाहिए।
कर्फ्यू लागू होने के बाद परेशान रहीं सवारियां
बागेश्वर। नगर में कोरोना कर्फ्यू होने के बाद अधिकतर टैक्सी स्टैंडों पर सन्नाटा पसर गया। सुबह के समय ग्रामीण क्षेत्रों से आए वाहन सवारियां लेकर लौट गए। इसके चलते दोपहर बाद ग्रामीण इलाकों को जाने वालों को परेशानी उठानी पड़ी। टैक्सी स्टैंडों के पास यात्री वाहनों का इंतजार करते देखे गए।
वहीं नजदीक रहने वाले यात्रियों ने पैदल ही गंतव्य तक जाना मुनासिब समझा। हालांकि प्रशासन ने सार्वजनिक वाहनों को 50 प्रतिशत क्षमता के साथ संचालन की अनुमति दी है, लेकिन बाजार के जल्द बंद होने से टैक्सी स्टैंड भी जल्द खाली हो गए। वहीं यात्रियों को कर्फ्यू की जानकारी न होने के चलते भी परेशानी उठानी पड़ी।
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