अल्मोड़ा। जिला मुख्यालय के अस्पताल भी डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे हैं। अल्मोड़ा के जिला अस्पताल अस्थि रोग विशेषज्ञ और निश्चेतक के अभाव में मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार देर रात वाहन दुर्घटना के दो घायलों को भी डॉक्टरों के अभाव में हायर सेंटर रेफर करना पड़ा।
जिला अस्पताल अल्मोड़ा में अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. सूजा उच्च शिक्षा के लिए गए हैं। तीन माह पूर्व निश्चेतक भी पीजी करने चले गए थे। जिसके चलते अब हड्डी रोग संबंधित उपचार के लिए मरीजों को भटकना पड़ रहा है। शुक्रवार की रात बाइक दुर्घटना में पैर फैक्चर होने पर गंभीर हालत में एक मरीज को अस्पताल लाया गया। लेकिन डॉक्टरों के अभाव में उसे हायर सेंटर रेफर करना पड़ा। वहीं बागेश्वर जिले के कांडा में बरात वाहन की दुर्घटना में घायल एक मरीज को शुक्रवार को अल्मोड़ा लाया गया था। उसके भी हाथ की हड्डी टूटी थी। दोनों मरीजों का यहां उपचार नहीं हो पाया। जिसके चलते उन्हें रेफर करना पड़ा।
सीआर्म मशीन खराब होने से भी हो रही दिक्कतें
अल्मोड़ा। अस्पताल में कभी डॉक्टर उपलब्ध नहीं होते तो कभी मशीनें दुरुस्त नहीं होने से मरीजों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यहां पिछले एक साल से सीआर्म मशीन खराब पड़ी है। जिसके चलते जब डॉक्टर उपलब्ध भी हों तो कई बार गंभीर हड्डी के मरीजों को हायर सेंटर रेफर ही करना एकमात्र विकल्प था। सीआर्म मशीन ठीक नहीं होने के कारण भी प्रतिमाह करीब पांच से छह मरीजों को रेफर करना पड़ रहा था।
महिला अस्पताल में भी डॉक्टरों की भारी कमी
अल्मोड़ा। महिला अस्पताल अल्मोड़ा में भी डॉक्टरों की कमी है। अस्पताल में नियमित स्त्री रोग विशेषज्ञ के स्वीकृत पांच पदों में से चार पद रिक्त हैं। संविदा में दो स्त्री रोग विशेषज्ञ नियुक्त किए गए हैं। यहां तक सीएमएस का पद भी लंबे समय से रिक्त है। निश्चेतक के पास ही सीएमएस का अतिरिक्त कार्यभार है। रेडियोलॉजिस्ट का अस्पताल में पद ही स्वीकृत नहीं हो पाया है। अस्पताल में स्टाफ नर्स के कुल 11 पद स्वीकृत हैं, जिसमें से सात कार्यरत और चार रिक्त हैं। चीफ फार्मासिस्ट के तीन स्वीकृत पदों में से मात्र दो ही तैनात हैं।