अल्मोड़ा। जिले के बेस अस्पताल को विकास भवन को जोड़ने वाली 10 किमी लंबी लिंक सड़क पर दस सालों में महज तीन किमी तक ही डामर हो सका है। विभाग की यह सुस्ती बीमार और गर्भवतियों पर भारी पड़ रही है। हालात यह हैं कि परेशान लोग किसी तरह जान जोखिम में डालकर इस सड़क पर आवाजाही कर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
बेस अस्पताल से विकास भवन तक 10 किमी लिंक रोड का निर्माण करीब दस साल पहले हुआ। इस सड़क के बनने का लाभ गरगूंठ, रेलापाली, रैखोली, भनार, तलाड़बाड़ी क्षेत्र के करीब दस हजार लोगों को मिलने की उम्मीद थी लेकिन पिछले दस सालों में इस सड़क पर भनार तक तीन किमी दायरे में ही डामरीकरण किया जा सका है। इससे आगे डामरीकरण न होने से यह सड़क बदहाल हो चुकी है। सड़क पर बने गहरे गड्ढे दुर्घटना को दावत दे रहे हैं। हालात यह हैं कि बीमारों, गर्भवतियों को इस सड़क से अस्पताल पहुंचाना जोखिम भरा है। ग्राम प्रधान मुकेश कुमार ने कहा कि यह सड़क प्रदेश में विकास कार्यों के दावों को खोखला साबित कर रही है।
ग्रामीणों ने डीएम को भी दिया ज्ञापन
अल्मोड़ा। गरगूंठ के ग्रामीणों ने सड़क सुधारीकरण की मांग पर संबंधित अधिकारियों को कई बार ज्ञापन दिया। इसके बावजूद सड़क नहीं सुधर सकी है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर जल्द ही सड़क सुधारीकरण नहीं हुआ तो वे सड़कों पर उतरेंगे।
सड़क न बनने से ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। सड़क बदहाल होने से गर्भवती महिलाओं और मरीजों को डोली के सहारे अस्पताल पहुंचाना पड़ रहा है। - जानकी देवी।
सड़क बनने के दस साल बाद भी डामरीकरण नहीं हुआ है। हर तरफ गड्ढे बन चुके हैं जिससे आने-जाने में परेशानी हो रही है। इसके बावजूद सुनवाई नहीं हुई। - रेवती बिष्ट।
करीब दस किमी लंबी सड़क का महज तीन किमी भाग पर ही डामरीकरण हुआ था, वह भी उखड़ गया है। इस सड़क पर हॉटमिक्स से डामरीकरण करने की जरूरत है। - मोहन सिंह।
बेस अस्पताल से विकास भवन की सड़क पर डामरीकरण के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही डामरीकरण कार्य शुरू किया जाएगा। - अशोक सिंह, जेई, लोनिवि खंड, अल्मोड़ा।