संसदीय क्षेत्र के चार जिलों के छात्रों के लिए सोबन सिंह जीना नाम से नया विश्वविद्यालय बनाया जा रहा है। इसमें अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ तीन नए कैंपस होंगे।
अल्मोड़ा में दो साल पहले स्थापित आवासीय विश्वविद्यालय के साथ ही चारों जिलों में स्थित सभी शासकीय और अशासकीय महाविद्यालय इस नए विश्वविद्यालय से संबद्ध किए जाएंगे। शासन ने इसका ड्राफ्ट एक्ट तैयार कर लिया है और आगामी विधानसभा सत्र में इसको सदन में रखा जाएगा।
नए विवि का प्रशासनिक भवन पूर्व में आवासीय विवि के लिए अल्मोड़ा के निकट फड़का में ली गई भूमि में बनेगा। नए विवि में अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ तीन परिसर होंगे। हाल ही में शासन स्तर पर हुई बैठक में यह भी फैसला हुआ कि नए विश्वविद्यालय में व्यवसायिक पाठ्यक्रमों को वरीयता दी जाएगी। आवासीय विश्वविद्यालय में शुरू किए गए सभी कोर्स इस नए विश्वविद्यालय में चलाए जाएंगे। अल्मोड़ा स्थित एसएसजे परिसर के निदेशक प्रोफेसर आरएस पथनी ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि अपर मुख्य सचिव डॉ. रणवीर सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में नए विवि के लिए तैयार किए गए मसौदे पर बातचीत भी हुई है। अभी तक अल्मोड़ा परिसर सहित बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत और अल्मोड़ा जिले के सभी महाविद्यालय कुमाऊं विश्वविद्यालय से संबद्ध है।
चार जिलों के छात्रों को नहीं दौड़ना होगा नैनीताल
अल्मोड़ा। कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल 1973 में अस्तित्व में आया। उससे पहले कुमाऊं क्षेत्र में स्थित महाविद्यालय आगरा विश्वविद्यालय से संबद्ध थे। उप्र की सरकार ने तब एक साथ कुमाऊं और गढ़वाल में दो विश्वविद्यालय बनाए थे। नया विश्वविद्यालय बनने के बाद अल्मोड़ा संसदीय सीट के चार जिलों के छात्रों को नैनीताल स्थित कुमाऊं विवि मुख्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।