काफलीगैर-कनारीछीना मोटर मार्ग के लिए इस स्थान से कटेगी सड़क।
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धौलछीना (अल्मोड़ा)। डेढ़ दशक के बाद आखिरकार काफलीगैर (बागेश्वर)-कनारीछीना मोटर मार्ग का निर्माण हो सकेगा। विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान के प्रयासों से दो किमी लंबी इस सड़क समेत जमराड़ी-बेलवाल गांव मोटरमार्ग के लिए भी वन भूमि मिल गई है। अब इन गांवों के सड़क से जुड़ने की उम्मीद जगी है।
डेढ़ दशक पूर्व काफलीगैर से कनारीछीना तक मोटर मार्ग का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। नौगांव से कनारीछीना तक दो किमी मोटरमार्ग के लिए वन विभाग से सड़क निर्माण की अनुमति नहीं मिल सकी। इस कारण मोटर मार्ग का कार्य रोक दिया गया। तब से अल्मोड़ा और बागेश्वर जिले से सटे दर्जनों गांवों के ग्रामीणों को मोटर मार्ग का लाभ नहीं मिल सका। लोग लंबे समय से सड़क बनने का इंतजार कर रहे हैं। इसके लिए रीठागाड़ी दगड़ियो संघर्ष समिति के बैनर तले स्थानीय ग्रामीणों ने कई बार आंदोलन भी किया। यह मार्ग पूर्व विधायक स्व. गोविंद सिंह बिष्ट के पैतृक गांव सोना खटक, लिंगुणता, मंगलता, नौगांव, बखरियाटाना, कुनखेत, पारखेत, सैज, बेदीबगड़, खौलसीर समेत अल्मोड़ा बागेश्वर के दर्जनों गांवों को जोड़ता है। इधर अब लंबे समय बाद सड़क बनाने के लिए वन भूमि हस्तांतरण की सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। इस पर रीठागाड़ दगड़ियो संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रताप सिंह नेगी, क्षेत्र पंचायत सदस्य मंगल रावत, क्षेत्र पंचायत सदस्य हटोला भगवान रावल, ग्राम प्रधान धरम सिंह, वीरेंद्र सिंह, गीता चम्याल, तुलसी देवी, पार्वती देवी, गणेश सिंह, नारायण सिंह बिष्ट, गोविंद सिंह मेहता, कुशाल सिंह, नारायण सिंह, मनोज जड़ौत आदि लोगों ने विधानसभा उपाध्यक्ष चौहान का आभार जताया है।