मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा है कि राज्य का बजट पारित नहीं होने के कारण राज्य की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है। इस हालत में नए जिलों के गठन के बारे में कोई फैसला नहीं लिया जा सकता। उन्होंने कहा कि विधायक मयूख महर का मसला शीघ्र सुलझा लिया जाएगा।
शुक्रवार को देहरादून रवाना होने से पहले सर्किट हाउस में पत्रकारों से वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक बजट उपलब्ध नहीं हो जाता, नए जिलों के गठन के बारे में कुछ कहना संभव नहीं है।
सीएम ने कहा कि मयूख महर के मामले में गलती हुई है। इसका कारण यह रहा कि विधायकों को जो पद पूर्व में दिए गए थ,े वही पद बाद में बहाल हो गए। महर पूर्व में योजना आयोग के उपाध्यक्ष बनाए गए थे और गलती से उनका वही पद फिर से बहाल हो गया। सीएम ने कहा कि यह मसला सुलझा लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग अल्मोड़ा में पानी को लेकर शोर मचा रहे हैं, लेकिन उन्हें बताना चाहिए कि इस समस्या के समाधान के लिए उनकी सरकार के कार्यकाल के दौरान क्या काम किया गया। रावत ने कहा कि पेयजल संकट दूर करने के लिए बैराज का निर्माण किया गया और अब नए पंप हाउस के लिए भी बजट शीघ्र उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें ट्रीटमेंट प्लांट भी बनाया जाएगा।