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नेपाल सीमा से लगे 200 से अधिक गांवों में घनघनाएंगे मोबाइल फोन

Tue, 10 Jan 2017 11:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
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 मोबाइल फोन के नेटवर्क से वंचित नेपाल सीमा से लगे पिथौरागढ़ जिले के करीब 200 से अधिक गांवों में अब जल्द बीएसएनएल की मोबाइल सेवा शुरू हो जाएगी। सुरक्षा की दृष्टि से भारत सरकार की नीति के चलते पूर्व में बॉर्डर से लगे 10 किमी इलाके में नेटवर्क उपलब्ध नहीं कराया जाता था, लेकिन नेपाल से दोस्ताना संबंधों को देखते हुए सरकार ने नेपाल सीमा पर इस प्रतिबंध को हटा लिया है। सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद बीएसएनएल ने इन सीमावर्ती गांवों में मोबाइल टावर लगाने के लिए सर्वेक्षण कार्य शुरू कर दिया है।  
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बता दें कि पिथौरागढ़ जिले के धारचूला से आगे व्यास, चौदास और दारमा घाटी के दर्जनों गांवों के अलावा तवाघाट, नारायण आश्रम, झूलाघाट, तालेश्वर, दोबांस, पिपली समेत नेपाल सीमा से लगे करीब 200 से अधिक गांवों में आज तक किसी भी मोबाइल कंपनी का नेटवर्क नहीं है। क्षेत्र के लोग लंबे समय से यहां मोबाइल सेवा शुरू करने की मांग उठाते रहे हैं, लेकिन सुरक्षा कारणों से इसे मंजूरी नहीं मिल पाई थी। केंद्र सरकार की गाइड लाइन के मुताबिक दूसरे देश की सीमा से पहले 10 किमी क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध कराने पर रोक थी। इसका कारण यह है कि सीमा से लगे इन गांवों में नेटवर्क उपलब्ध होने पर नेपाल के इलाके में भी सिगनल मिलने लगेगा।  

इधर बीएसएनएल के सूत्रों के मुताबिक हाल ही में भारत सरकार ने नेपाल सीमा क्षेत्र के लिए इस प्रतिबंध को हटाने का फैसला किया है। बताया जाता है कि नेपाल से भारत के दोस्ताना संबंधों को देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है। बीएसएनएल के महाप्रबंधक एके गुप्ता ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया है कि इन छूटे हुए गांवों में बीएसएनएल का नेटवर्क उपलब्ध कराने के लिए सर्वेक्षण कार्य शुरू हो चुका है।
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इन सीमावर्ती गांवों में मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध कराने के लिए करीब आठ से 10 टावर लगने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि सर्वेक्षण कार्य पूरा होने के बाद टावर स्थापित करने के लिए आगे की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। उन्होंने बताया कि इसी साल टावर लगाने का काम शुरू हो जाने की उम्मीद है। इधर यह भी माना जा रहा है कि कैशलेस बैंकिंग को बढ़ावा देने के लिए सरकार इस काम में तेजी लाना चाहती है, क्योंकि मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध हुए बगैर किसी तरह का कैशलेस भुगतान संभव नहीं है। 
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