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Bageshwar News: न ट्यूशन न ही ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प, संसाधनों का अभाव भी नहीं आया आड़े

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बागेश्वर। मन में कुछ करने का जुनून और जज्बा हो तो विपरीत हालात भी हार मान लेते हैं। इस बात को सलानी गांव के मनीष और योगिता ने सही कर दिखाया है। दोनों भाई-बहन ने इंटरमीडिएट और हाईस्कूल की बोर्ड परीक्षा में 86 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। दुर्गम क्षेत्र के इन बच्चों की यह सफलता इसलिए भी खास है कि उन्होंने बिना ट्यूशन और ऑनलाइन पढ़ाई के इसे हासिल किया है।
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मनीष और योगिता के पिता पूरन सिंह दोसाद मानसिक रूप से कुछ कमजोर होने के कारण घर पर ही रहते हैं। माता जानकी दोसाद खेतीबाड़ी, पशुपालन के साथ बच्चों के पालन-पोषण भी करती हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति का उन्होंने कभी बच्चों पर प्रभाव नहीं पड़ने दिया। बच्चों को सदैव मन लगाकर पढ़ने के लिए प्रेरित किया। उनकी सीख बच्चों ने गांठ बांधी और बोर्ड परीक्षा में अपनी प्रतिभा को साबित कर दिखाया। मनीष ने हाईस्कूल की बोर्ड परीक्षा 86.2 प्रतिशत अंक से उत्तीर्ण की थी। इंटर की परीक्षा में उन्होंने 86 प्रतिशत अंक हासिल किए। योगिता ने 86.8 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। योगिता दो बार मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी स्कॉलरशिप भी जीत चुकी है।


पढ़ाई के साथ-साथ घर के कार्यों की जिम्मेदारी
मनीष और योगिता जितने अव्वल पढ़ाई में हैं, उतने ही पारंगत घर के कार्यों में हैं। दोनों विद्यार्थी घास काटने, खेत तैयार करने, फसल कटाई और मवेशियों की देखरेख में मां का पूरा साथ देते हैं। मां जानकी बताती हैं कि खेतीबाड़ी और पशुपालन से ही घर का खर्च चलता है। बच्चे हर कार्य में सहयोग करते हैं। दोनों बच्चों को छोटी उम्र में ही अपने हालातों का अहसास है।
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सुविधाओं की कमी के बावजूद किया शानदार प्रदर्शन
विद्यालय के शिक्षक डॉ. हरीश दफौटी ने बताया कि दोनों विद्यार्थी विज्ञान वर्ग की पढ़ाई कर रहे हैं। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण बच्चे कोचिंग का खर्च नहीं उठा सकते हैं। क्षेत्र में इसी साल संचार सुविधा शुरू हुई है। इससे पहले यहां मोबाइल सिग्नल नहीं पकड़ते थे। इससे ऑनलाइन पढ़ाई का भी विकल्प नहीं था। विद्यालय में सीखे ज्ञान के दम पर दोनों ने यह सफलता प्राप्त की।
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