रानीखेत (अल्मोड़ा)। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) की स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा के दौरान रानीखेत के बीरशिवा स्कूल परीक्षा केंद्र में ओएमआर शीट और प्रश्नपत्र वितरण में हुई त्रुटि का मामला आयोग तक पहुंच गया है। परीक्षा के पर्यवेक्षक रमेश चंद्र पपनै ने बताया कि परीक्षा सामग्री वितरण के दौरान हुई चूक के संबंध में पूरी रिपोर्ट आयोग को भेज दी गई है।
उन्होंने बताया कि ओएमआर शीट और प्रश्नपत्र के क्रमांक एक समान होने चाहिए थे, लेकिन वितरण के दौरान त्रुटि हुई। मामले की जानकारी मिलने पर जांच की गई, जिसमें प्रश्नपत्र और ओएमआर शीट वितरण की जिम्मेदारी संभाल रहे शिक्षकों ने अपनी गलती लिखित रूप से स्वीकार कर ली। संबंधित शिक्षकों के स्पष्टीकरण को रिपोर्ट के साथ आयोग को प्रेषित कर दिया गया है।
पर्यवेक्षक ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की त्रुटि को गंभीरता से लिया जाता है। इसी क्रम में पूरे घटनाक्रम का विवरण आयोग को भेजा गया है। अब मामले में आगे की कार्रवाई आयोग स्तर से की जाएगी। बता दें कि प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं को लेकर पहले भी कई विवाद सामने आ चुके हैं।
निजी विद्यालयों में भर्ती परीक्षाएं कराने पर फिर उठे सवाल
रानीखेत (अल्मोड़ा)। स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा के दौरान रानीखेत के एक निजी विद्यालय में बने परीक्षा केंद्र पर ओएमआर शीट और उत्तर पुस्तिका के क्रमांक अलग-अलग होने की शिकायत सामने आने के बाद फिर निजी विद्यालयों में भर्ती परीक्षाएं कराने को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि जब भर्ती परीक्षाएं लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ी होती हैं तो परीक्षा केंद्रों के चयन में अतिरिक्त सावधानी बरती जानी चाहिए।
बता दें कि पिछले वर्ष भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। जांच के दौरान हरिद्वार के एक निजी शिक्षण संस्थान का नाम भी चर्चाओं में आया था। इसके बाद से ही निजी संस्थानों को परीक्षा केंद्र बनाए जाने पर समय-समय पर बहस होती रही है।
रविवार को आयोजित परीक्षा के लिए रानीखेत क्षेत्र में कुल नौ परीक्षा केंद्र बनाए गए थे जिनमें चार केंद्र निजी विद्यालयों में स्थापित किए गए। अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकारी विद्यालयों और महाविद्यालयों में प्रशासनिक निगरानी अपेक्षाकृत अधिक प्रभावी रहती है। ऐसे में भर्ती जैसी संवेदनशील परीक्षाओं के लिए सरकारी संस्थानों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
अभ्यर्थियों ने सरकार और आयोग से परीक्षा केंद्र निर्धारण की व्यवस्था की समीक्षा करने, भविष्य में सरकारी शिक्षण संस्थानों को प्राथमिकता देने की मांग की है ताकि भर्ती परीक्षाओं को लेकर किसी भी प्रकार की आशंका और विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।
रानीखेत में 9 परीक्षा केंद्र
- निजी विद्यालयों में केंद्र : 4
- सरकारी संस्थानों में केंद्र : 5