फलसीमा में उदय शंकर राष्ट्रीय नाट्य अकादमी के नवनिर्मित भवन में नाट्य अकादमी के बजाय इसे अल्मोड़ा में प्रस्तावित नए विश्वविद्यालय को सौंपने के निर्णय के खिलाफ नगर के रंगकर्मी मुखर होने लगे हैं। रंगकर्मियों की नगरपालिका परिषद में हुई बैठक में इस मुद्दे को लेकर 31 दिसंबर को जिलाधिकारी कार्यालय में धरना देने के एलान किया गया। उन्होंने कहा कि अगर उदय शंकर नाट्य अकादमी को शीघ्र शुरू नहीं किया गया तो कला प्रेमियों, रंगकर्मियों, साहित्यकारों और बुद्धिजीवियों को साथ लेकर आंदोलन शुरू किया जाएगा।
वक्ताओं ने कहा कि नृत्य सम्राट उदय शंकर की भावनाओं को देखते हुए उनकी पत्नी अमला शंकर के प्रयासों के बाद करीब 14 साल पहले तत्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने उदय शंकर राष्ट्रीय नाट्य अकादमी का शिलान्यास किया था। राष्ट्रीय स्तर की अकादमी बनने से अल्मोड़ा में संगीत और नाट्य के क्षेत्र में युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलने की उम्मीद जताई गई थी, लेकिन अब प्रदेश सरकार इस भवन में राष्ट्रीय नाट्य अकादमी के बजाय नए विश्वविद्यालय की गतिविधियां चलाना चाहती है। उन्होंने कहा कि नए विवि के लिए सरकार को अन्यत्र जगह तलाशनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा को राज्य की सांस्कृतिक राजधानी कहा जाता है, लेकिन यहां के रंगकर्मियों की हमेशा से ही उपेक्षा की जाती रही है। इस मुद्दे को लेकर 31 दिसंबर को 12 बजे से जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में धरना देने का भी एलान किया गया। बैठक में यूसुफ तिवारी, मनमोहन चौधरी, भाष्कर साह, नरेश बिष्ट, गोकुल बिष्ट, चंद्रशेखर, नवीन कांडपाल, दिनेश पंत, रमेश लाल, लोक कलाकार संघ के अध्यक्ष शेखर जोशी, धीरेंद्र रावत, शेखर कुमार आदि मौजूद थे।