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जोर पकड़ने लगा नानीसार का मामला

Mon, 01 Feb 2016 10:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
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 नानीसार में जिंदल ग्रुप को भूमि आवंटन और राजनीतिक कार्यकर्ताओं, ग्रामीणों के साथ मारपीट और राजस्व कर्मियों के साथ अभद्रता का मामला जोर पकड़ता जा रहा है। भाजपा ने डीएम को ज्ञापन देकर मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। 
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भाजपा कार्यकर्ताओं ने डीएम को ज्ञापन दिया। जिसमें कहा गया है कि शासन द्वारा जिंदल ग्रुप को नियम विरुद्ध भूमि का आवंटन किया गया। इसके विरोध में ग्रामीण आंदोलन चला रहे थे।

 न्यायालय के स्थगन आदेश को तामील कराने गए राजस्व कर्मियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ जिंदल ग्रुप के कर्मचारियों ने मारपीट और महिलाओं से अभद्रता की।
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 पार्टी ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष ललित लटवाल, पूर्व विधायक रघुनाथ सिंह चौहान, अजीत सिंह कार्की, कैलाश गुरुरानी, कुलदीप राजौरिया, अजय वर्मा, धर्मेंद्र बिष्ट, विनीत बिष्ट, शरद चंद्र, श्याम पांडे, मनोज जोशी, गोविंद पिलख्वाल, दिनेश पांडे, रवि रौतेला, महेंद्र सिंह रावत, भगवत बिष्ट, पियूष भट्ट, चंदन लाल टम्टा आदि शामिल थे। 

सोशलिस्ट जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मो. अकबर खान ने नानीसार प्रकरण को लोकतंत्र के लिए कलंक बताते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच करने और गिरफ्तार प्रतिनिधियों को रिहा करने की मांग की है।

उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी और रेखा धस्माना की जमानत अर्जी पर जिला सत्र न्यायाधीश की अदालत में सुनवाई हुई। बहस के बाद जिला सत्र न्यायाधीश ने आदेश सुरक्षित रख लिया है। इस पर कल मंगलवार को फैसला सुनाए जाने की उम्मीद है। श्री तिवारी के पक्ष में बार एसोसिएशन के ज्यादातर अधिवक्ता अदालत में मौजूद थे।

नानीसार में जिंदल ग्रुप के लोगों द्वारा पीसी तिवारी, रेखा धस्माना आदि पर हमला करने और हमलावरों की गिरफ्तारी करने की मांग को लेकर इंडियन ह्यूमन राइट वाच के मुख्य कोआर्डिनेटर कैप्टन जेके पंत ने अपने निवास पर अनशन शुरू कर दिया है।

कैप्टन पंत ने कहा कि नानीसार में मानवाधिकारों का उल्लंघन के साथ ही राष्ट्रीय ध्वज का भी अपमान किया गया है। अदालत का स्टे आर्डर लेकर गए अधिवक्ता पीसी तिवारी और रेखा धस्माना सहित कई आंदोलनकारियों पर हमला किया गया।

 साथ ही स्वतंत्रता संग्राम सेनानी देवेंद्र सनवाल द्वारा फहराए गए ध्वज को उखाड़कर उसका अपमान किया गया। कैप्टन पंत ने बताया कि इस मामले की रिपोर्ट छह पेजों में मानवाधिकार आयोग को भेज दी गई है। उन्होंने कहा कि इस मामले में जब तक कार्रवाई नहीं की जाएगी तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
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