नंदा-सुनंदा के डोले की भव्य शोभा यात्रा के साथ नंदादेवी महोत्सव का समापन हो गया। शोभा यात्रा में शामिल हजारों लोगों ने जय-जयकार करते हुए डोले को विदा किया। नगर के हजारों लोगों ने मार्ग में खड़े होकर डोले के दर्शन किए और पुष्पांजलि की। शाम को नंदादेवी मंदिर परिसर से शोभायात्रा शुरू हुई। इसके बाद लाला बाजार, ड्योलीपोखर होकर नगर के बाजारों से होकर दुगालखोला पहुंची। यहां परंपरागत और धार्मिक विधान से मूर्तियों का विर्सजन हुआ।
चंद वंशज केसी सिंह बाबा ने नंदादेवी मंदिर में अनुष्ठान किया।
चार बजे मंदिर में स्थापित मां नंदा-सुनंदा की मूर्तियों को डोले में रखा गया। श्रद्धालुओं ने मां के डोले को मंदिर की परिक्रमा की। इसके बाद शोभायात्रा लाला बाजार, ड्योलीपोखर, कारखाना बाजार होते हुए दुगालखोला पहुंची। दुगालखोला के नौले में मूर्तियों का विर्सजन किया गया। इस मौके पर चंद राज वंशज केसी सिंह बाबा के अलावा संसदीय सचिव मनोज तिवारी,राज पुरोहित नागेश पंत, पूर्व विधायक कैलाश शर्मा, दायित्वधारी बिट्टू कर्नाटक, राजेंद्र बाराकोटी,पालिकाध्यक्ष प्रकाश जोशी, जिलाधिकारी डा. आशीष श्रीवास्तव, एडीएम प्रकाश चंद्र, एसडीएम रिंकू बिष्ट, मेला समिति के अध्यक्ष शिरीष पांडे, मुख्य संयोजक दिनेश गोयल, मनोज वर्मा, मनोज सनवाल, अनूप साह, तारा जोशी, अर्जुन बिष्ट, संजय साह, अतुल अग्रवाल, हरीश बिष्ट, अशोक जोशी, संजय अग्रवाल, पारस पलनी, पूर्व पालिकाध्यक्ष शोभा जोशी, अशोक पांडे, धन सिंह मेहता, किशन गुरुरानी, नरेंद्र वर्मा, मुन्ना वर्मा, दीप लाल साह आदि शामिल थे।