अल्मोड़ा में हवालबाग विकासखंड के गोविंदपुर गांव स्थित नानाकोसी में जल्द मिनी बैराज अस्तित्व में आएगा। योजना के धरातल पर उतरने से क्षेत्र में पर्यटक कारोबार को नए पंख लगेंगे। वहीं गर्मी बढ़ने पर नदी का जलस्तर घटने से क्षेत्र के 90 से अधिक परिवारों को पेयजल संकट से नहीं जूझना पड़ेगा। सिंचाई विभाग ने बैराज निर्माण के लिए दो करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा है।
हवालबाग ब्लॉक स्थित गोविंदपुर गांव में दिरगाड़ घाट के पास नानाकोसी नदी में मिनी बैराज का निर्माण होगा। बैराज बनने से नानाकोसी नदी को एक नई पहचान मिलेगी। 18.5 मीटर चौड़ा, दो मीटर ऊंचा और 100 मीटर लंबा ये बैराज देश-विदेश से प्रकृति का आनंद लेने जिले में पहुंचने वाले पर्यटकों को आकर्षित करेगा। इससे पर्यटन कारोबार को भी गति मिलेगी। गर्मी बढ़ने से हर साल नदी का स्तर काफी कम हो जाता है। ऐसे में नदी से जुड़ी पेयजल योजनाओं से लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंच पाता। ऐसे में बैराज बनने पर लोगों को पेयजल संकट से भी निजात मिलेगी। सिंचाई विभाग के मुताबिक बैराज निर्माण के लिए शासन को दो करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा है।
जल स्रोत होंगे रिचार्ज
बैराज का निर्माण होने से आसपास के सूख चुके प्राकृतिक जलस्रोत फिर से रिचार्ज होंगे। ऐसे में क्षेत्र में पेयजल संकट गहराने पर ये जलस्रोत फिर से लोगों की प्यास बुझाएंगे। इससेे लोगों को जरूरत का पानी जुटाने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
बैराज का पानी पेयजल के साथ ही किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए भी उपलब्ध हो सकेगा। इससे किसानों की खेतों को सींचने के लिए बारिश पर निर्भरता कम होगी। किसान बैराज से पंपिंग कर खेतों तक पानी पहुंचा सकेंगे।
स्वरोजगार के खुलेंगे द्वार
बैराज का निर्माण होने से यहां पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा। ऐसे में स्थानीय युवा होम स्टे, रेस्टोरेंट, होटल व्यवसाय संचालित कर स्वरोजगार से जुड़ सकेंगे। इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
नानाकोसी में मिनी बैराज निर्माण कार्य के लिए दो करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों का विस्तार होगा। उम्मीद है कि प्रस्ताव को शासन से जल्द स्वीकृति मिलेगी। -मोहन सिंह रावत, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग अल्मोड़ा