अल्मोड़ा। एसएसजे परिसर अल्मोड़ा में आखिरकार लगभग एक माह बाद शिलापट में वर्तमान छात्रसंघ पदाधिकारियों के नाम फिर से लिख दिए गए हैं। मंगलवार को परिसर प्रशासन की ओर से मामले में दोनों पक्षों के बीच बैठक आयोजित की गई। बैठक में कोई खास निर्णय नहीं निकल पाया, लेकिन दोनों पक्षों की मौजूदगी में शिलापट में वर्तमान पदाधिकारियों के नाम लिख दिए गए।
मालूम हो कि एसएसजे परिसर अल्मोड़ा में पिछले माह एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने तत्कालीन निदेशक प्रो. जगत सिंह बिष्ट को ज्ञापन सौंप शीघ्र छात्रसंघ कार्यकाल भंग करने की मांग की थी। इसके साथ ही कुछ छात्रों ने परिसर के शिलापट से छात्रसंघ पदाधिकारियों के नाम भी मिटा दिए थे। छात्रसंघ पदाधिकारियों भी इस मामले में भड़क गए थे।
मामले के तूल पकड़ने के बाद निदेशक और प्रॉक्टर ने त्यागपत्र भी दे दिए थे। छात्रसंघ पदाधिकारियों ने पूर्व निदेशक से शिलापट से नाम मिटाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। नए निदेशक प्रो. नीरज तिवारी ने प्रॉक्टर प्रो. अनिल कुमार यादव को जांच के साथ उचित कार्रवाई के आदेश दिए थे। इसके तहत एनएसयूआई के विपुल कार्की समेत नितिन रावत और अमित बिष्ट को परिसर की ओर से नोटिस दिए गए। तीनों ने अपना लिखित पक्ष प्रॉक्टर को दिया था।
इधर मंगलवार को मामले को लेकर छात्रसंघ पदाधिकारियों और पूर्व में नोटिस दिए गए छात्रों के साथ परिसर प्रशासन ने बैठक की। दो घंटे हुई बैठक में कोई खास निर्णय नहीं निकल पाया। लेकिन दोनों पक्षों की मौजूदगी में शिलापट में वर्तमान छात्रसंघ पदाधिकारियों का नाम फिर से लिख दिए गए हैं। बैठक में डीएसडब्ल्यू प्रो. जया उप्रेती, प्रॉक्टर डॉ. अनिल कुमार यादव, डीएसडल्ब्यू सदस्य डॉ. अरशद हुसैन, प्रॉक्टर सदस्य प्रो. डीपी यादव, छात्रसंघ अध्यक्ष दीपक उप्रेती, महासचिव नवीन कनवाल, छात्रा उपाध्यक्ष मेघा डसीला, एनएसयूआई के विपुल कार्की, नितिन रावत मौजूद रहे।