औघड़ बाबा के वेश में दो ठगों ने नगर के कई व्यापारियों से हजारों रुपये ऐंठ लिए। दुकानों के अंदर घुसकर कथित साधु व्यापारियों को झांसा दे रहे थे। ठगी का अहसास होते ही व्यापारियों ने साधुओं की खोज शुरू कर दी, बाजार में ही उन्हें दबोचकर पुलिस के हवाले किया। व्यापारियों का आरोप था कि दोनों बाबा चकमा देकर गल्ले से भी धनराशि निकाल रहे थे। कोतवाली में बाबा ने ठगी की रकम लौटा दी, खबर लिखे जाने तक दोनों से पूछताछ जारी थी।
इधर इस घटना के बाद व्यापारियों में आक्रोश है। शुक्रवार सुबह से नगर में दो साधु घूम रहे थे, इनमें से एक ने औघड़ बाबा का वेश धारण किया हुआ था। बताया गया कि वह दुकानों में घुसकर व्यापारी को भभूत लगाता और मंत्र फूंककर उन्हें झांसे में ले रहा था। मौका पाकर वह गल्ले से रुपये निकाल लेता। गांधी चौक और सदर बाजार के दो व्यापारियों से उन्होंने 35 सौ रुपये की रकम ऐंठ ली।
व्यापारियों को ठगी का अहसास हुआ तो उन्होंने साधुओं को खोजना शुरू किया। तब तक वह नगर में दो व्यापारियों से ठगी कर चुके थे, लोगों ने साधुुओं का पीछा शुरू किया, एक को रोडवेज बस स्टेशन से और दूसरे को सदर बाजार में दबोच लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। इस बीच वहां लोगों का खासा जमावड़ा लग गया। पूछताछ में साधुओं ने अपना नाम कर्मनाथ और फौजी नाथ निवासी हरिद्वार बताया।
इन्हीं नामों की दोनों के पास वोटर आईडी भी पाई गई। इस बीच ठगी का शिकार व्यापारी भी वहां पहुंच गए, तलाशी में साधुओं के पास ठगी की रकम निकली। व्यापारियों को ठगी की रकम लौटा दी गई। व्यापार मंडल अध्यक्ष भगवंत नेगी के नेतृत्व में पहुंचे व्यापारियों ने इस घटना पर आक्रोश जताया। पुलिस से बाहर से आने वाले इस तरह के बाबाओं पर नजर रखने की मांग की।