हिमांशु धर्मशक्तू की फाइल फोटो
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महतगांव में विवाह समारोह की पार्टी से लापता हुए न्यू इंदिरा कालोनी खत्याड़ी निवासी 27 वर्षीय हिमांशु धर्मशक्तू की मौत के मामले में पुलिस ने प्रथम दृष्टया मृतक के साथियों की भूमिका को संदिग्ध पाते हुए एसएसजे परिसर छात्रसंघ उपसचिव समेत पांच युवाओं के खिलाफ धारा 302 और एससीएसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पी रेणुका देवी ने मामले की विस्तृत जांच पुलिस उपाधीक्षक अल्मोड़ा आरएस टोलिया को सौंपी है।
मालूम हो कि हिमांशु धर्मशक्तू अपने साथियों के साथ 24 नवंबर को महतगांव में एक बारात की पार्टी में गया था, लेकिन वह देर रात अचानक लापता हो गया। हिमांशु का शव छह दिन बाद बुधवार 29 नवंबर को कोसी नदी से बरामद हुआ था। मृतक के पिता बलवंत सिंह धर्मशक्तू ने पूर्व में पुत्र के गुमशुदगी की रिपोर्ट दी थी। बाद में उन्होंने 28 नंबर को हिमांशु के गायब होने के लिए उसके साथियों पंकज कनवाल आदि पर शक जाहिर किया था। पंकज कनवाल 25 जनवरी को सायं चार बजे हिमांशु की बाइक उसके इंदिरा कालोनी घर पहुंचा गया था। पिता द्वारा तहरीर देने के बाद पुलिस ने पंकज कनवाल और चार अन्य साथियों से पूछताछ की।
विवेचनाकर्ता उप निरीक्षक देवेंद्र सावंत ने संदेह जताते हुए मृतक के साथियों पंकज कनवाल पुत्र पूरन सिंह निवासी मल्ली खत्याड़ी, दीपक कनवाल पुत्र बसंत कनवाल निवासी तिनारा खत्याड़ी, पूरन भोजक पुत्र गोविंद सिंह भोजक और मनीष बिष्ट पुत्र मनवर सिंह दोनों निवासी इटौला (गुरुगांडे), गौरव किशोर पुत्र मैनन किशोर निवासी पं. जनार्दन जोशी जीआईटीआई अल्मोड़ा के खिलाफ थाने में धारा 302 और एससीएसटी एक्ट में मुकदमा पंजीकृत करा दिया है। इनमें दीपक कनवाल एसएसजे परिसर छात्रसंघ में उपसचिव है। पुलिस के विवेचक दरबान सामंत ने इन पांचों से पूछताछ की।
प्राथमिकी में कहा गया है कि घटना के संबंध में मृतक के दोस्त संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। परिस्थितियों को देखते हुए प्रथम दृष्टया हिमांशु के सभी साथियों की भूमिका संदिग्ध प्रतीत होती है। इसलिए इस मामले में हत्या का अभियोग पंजीकृत कर गहराई से विवेचना किया जाना आवश्यक प्रतीत होता है। इधर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पी रेणुका देवी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिल गई है। मामले की पुलिस उपाधीक्षक अल्मोड़ा आरएस टोलिया को जांच सौंपी गई है।