अल्मोड़ा। शिल्पकार समाज की ओर से रविवार को ऐतिहासिक ड्योलीडांडा सम्मेलन के शताब्दी वर्ष पूरे होने पर चौघानपाटा से नगर में सांस्कृतिक शोभायात्रा निकाली गई।
रैमजे इंटर कॉलेज में आयोजित सम्मेलन में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि राय बहादुर मुंशी हरिप्रसाद टम्टा के नेतृत्व में सौ साल पहले ड्योलीडांडा सम्मेलन का आयोजन किया गया था। कहा कि अब मुंशी हरिप्रसाद के कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा। काफी प्रयासों के बाद धर्मशाला का निर्माण कार्य पूरा हुआ है। उन्होंने कहा कि मुंशी हरिप्रसाद टम्टा सामाजिक सुधारों के कार्यों में हमेशा अग्रणी रहे। उन्होंने समाज के अंदर पीढ़ियों से पनप रहे जातिवाद, भेदभाव को खत्म करने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए।
पूर्व विधायक और सांसद प्रदीप टम्टा ने कहा कि गुरुड़ाबांज स्थित मुंशी हरिप्रसाद टम्टा पारंपरिक शिल्प उन्नयन संस्थान का निर्माण कांग्रेस सरकार में किया गया लेकिन कांग्रेस के बाद सत्ता में आई सरकारों ने इसके विकास के लिए बजट नहीं दिया। इस दिशा में सभी को आगे आना होगा।
अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष मुकेश कुमार ने कहा कि उत्तराखंड के शिल्पकार समाज सुधारकों की स्मृति में हरिद्वार में एक भवन का निर्माण किया जा रहा है। इसमें उनकी जीवनी संग्रहित की जाएगी ताकि भावी पीढ़ी महान व्यक्तित्व से रूबरू हो सके। कार्यक्रम संयोजक संजय कुमार टम्टा ने मुंशी हरि प्रसाद के सामाजिक कार्यों के बारे में जानकारी दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति के संयोजक दयाशंकर टम्टा और संचालन सुंदर लाल आर्या, डॉ. रचना टम्टा आदि ने किया। वहां दीपेश टम्टा, सावन टम्टा, प्रो. संजय कुमार टम्टा, डा. मोहित टम्टा, नंदकिशोर टम्टा, सुमित टम्टा, प्रकाश चंद्र आर्या, राहुल टम्टा, पीयूष कुमार आदि मौजूद रहे।
स्मारिका और दो पुस्तकों का किया विमोचन
ध्रुव टम्टा और साथियों ने हरि प्रसाद टम्टा की जीवन पर आधारित नाटक प्रस्तुत किया। रमेश लाल, पीयूष कुमार और चंद्रशेखर की टीम ने गीतोें के माध्यम से मुंशी हरिप्रसाद के कार्यों को जनता के सामने रखा। इस मौके पर दो स्मारिका और एक पुस्तक का विमोचन किया गया।