मौलेखाल (अल्मोड़ा)। मौलेखाल कस्बे में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। आजादी के कई सालों बाद भी कस्बे में सार्वजनिक शौचालय तक नहीं बन सका है। कस्बे में काफी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। शौचालय न होने से पर्यटकों और क्षेत्रीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
मौलेखाल कस्बा कस्बा मुख्यालय है। यह कस्बा भ्याड़ी, किचार, तड़ीटुकनोली, जालीखान, बांगीधार, जसपुर, मुनड़ा आदि समेत आसपास के दर्जनों गांवों का मुख्य बाजार और केंद्र बिंदु है। कस्बे के आसपास मानिला, सराईखेत, मरचूला आदि प्रमुख पर्यटन स्थल हैं।
इन पर्यटन स्थलों से हिमालय का मनोहारी दृश्य दिखाई देता है। इस कारण यहां काफी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। आजादी की लड़ाई के दौरान क्षेत्र के चार क्रांतिवीरों ने अपना बलिदान दे दिया था लेकिन आजादी के बाद भी मौलेखाल कस्बा विकास को तरस रहा है।
आजादी के कई सालों बाद भी मौलेखाल कस्बे में सार्वजनिक शौचालय नहीं बन सका है। शौचालय न होने के कारण पर्यटकों, क्षेत्रीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। शौचालय न होने के कारण कई बार लोग खुले में शौच करते हैं। इससे जहां गंदगी बढ़ती है वहीं दुर्गंध के कारण स्थानीय लोगों को परेशानी होती है।
बाजार के सड़कों की स्थिति भी अच्छी नहीं है। सड़क किनारे नालियां नहीं बनी हैं। इस कारण बारिश के दौरान सड़क का पानी सड़क में बहता रहता है। बाजार में चार स्थानों पर कल्वर्ट भी बंद हैं। मौलेखाल के प्रधान मनोज कुमार ने बताया कि कस्बे में सार्वजनिक शौचालय बनाने की मांग को लेकर कई बार जिला पंचायत अल्मोड़ा को प्रस्ताव भेजे गए लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है।