अल्मोड़ा। दार्जिलिंग के मशहूर चिड़ियाघर की तर्ज पर अब एनटीडी स्थित मृग विहार भी विकसित होगा। वन विभाग ने इसकी कवायद शुरू कर मास्टर प्लान तैयार कर लिया है।
विभाग को योजना के लिए केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेड) से हरी झंडी मिलते का इंतजार है। इस पहल से जिले में पर्यटन कारोबार को भी पंख लगेंगे।
1980 में एनटीडी में स्थापित मिनी जू (मृग विहार) जल्द नए स्वरूप में नजर आएगा। 40 हेक्टेयर में फैले मृग विहार में देश-विदेश से पहुंचने वाले पर्यटकों को यहां दार्जिलिंग के चिड़ियाघर की झलक नजर आएगी। पर्यटक बाघ,भालू, रंग बिरंगी चिड़ियां, कस्तूरी मृग, मोनाल, सांप, अजगर, पांडा का करीब से दीदार कर सकेंगे।
विभाग के मुताबिक दस वर्षाें के बाद फिर चिड़ियाघर का मास्टर प्लान तैयार होगा लेकिन तब मास्टर प्लान में अन्य विकास कार्य और नई योजनाओं को शामिल किया जाएगा।
पर्यटकों को चिड़ियाघर में नए रोमांच का अनुभव हो सके इसके लिए मिनी जू को विकसित करने की योजना बनाई गई है।