काम से हटाए गए छह श्रमिकों का आल्पस फैक्ट्री पातालदेवी के गेट के बाहर शुक्रवार को आंदोलन पांचवें दिन भी जारी रहा। दूसरे दिन नरेंद्र सिंह जीना क्रमिक अनशन पर बैठे। श्रमिकों ने बिना शर्त सेवा बहाली समेत अन्य मांगों के पूरा होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। फैक्ट्री के एक और कर्मचारी आनंद सिंह रावत भी आंदोलन से जुड़ गए हैं।
धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि मजदूर हितों की बात करने वाले श्रमिकों को झूठे अनुशासनहीनता के आरोप लगाकर काम से हटा दिया गया है। आरोप लगाया कि फैक्ट्री प्रबंधन श्रमिकों का उत्पीड़न कर रहा है। फैक्ट्री प्रबंधन के तानाशाहीपूर्ण रवैये से श्रमिकों के सम्मुख रोजी-रोटी का संकट हो गया है। श्रम कानूनों का भी पालन भी नहीं हो रहा है।
उन्होंने कहा कि पूर्व में चले आंदोलन के बाद प्रबंधन वर्ग ने श्रमिकों का उत्पीड़न न करने का लिखित आश्वासन दिया था, लेकिन छह श्रमिकों पर झूठे आरोप लगाकर उन्हें काम से हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि बिना शर्त काम पर वापसी, श्रम कानूनों का पालन करने, उत्पीड़न बंद करने आदि मांगें पूरी होने पर ही आंदोलन समाप्त होगा। चेतावनी दी कि यदि जल्द मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
धरने में जानकी ऐरी, माधवी देवी, अशोक कुमार साह, शेखर जोशी, भावना वर्मा आदि बैठे। इधर उपपा के अध्यक्ष पीसी तिवारी, आरडीएफ के प्रदेश अध्यक्ष जीवन चंद्र ने आंदोलन को समर्थन दिया है।