अल्मोड़ा जिले के सल्ट ब्लॉक के अमेता गांव में तेंदुए की लगातार आवाजाही से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। शाम ढलते ही लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के आसपास कई दिनों से तेंदुआ दिखाई दे रहा है जिससे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों में दहशत बनी हुई है।
गांव निवासी दिनेश चंद्र ने बताया कि वह भैरंगखाल बाजार स्थित अपनी दुकान बंद कर शाम को घर लौट रहे थे। घर से करीब 50 मीटर पहले अचानक उनकी नजर रास्ते में बैठे तेंदुए पर पड़ी। वह घबरा गए और कुछ देर तक वहीं ठिठके रहे। बाद में किसी तरह सुरक्षित घर पहुंच सके। ग्रामीणों ने बताया कि गांव तक पहुंचने वाला करीब तीन किलोमीटर लंबा पैदल मार्ग घनी झाड़ियों से भरा हुआ है। लंबे समय से रास्ते की सफाई नहीं होने के कारण जंगली जानवर आसानी से वहां छिपे रहते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग और ग्राम पंचायत की ओर से झाड़ियों की सफाई के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ अब दिनदहाड़े भी गांव के आसपास दिखाई दे रहा है। लोगों का कहना है कि अब उन्हें जंगल से घास, लकड़ी और अन्य जरूरी सामान लाने में भी डर लग रहा है।
अभिभावकों में भय
गांव के बच्चे प्रतिदिन सुबह करीब छह बजे इंटर कॉलेज कोटाचामी के लिए जंगल के रास्ते से होकर स्कूल जाते हैं। तेंदुए की बढ़ती गतिविधियों के बाद अब अभिभावकों में भय का माहौल है और कई लोग बच्चों को स्कूल भेजने से डर रहे हैं।