अल्मोड़ा। कोरोना महामारी को देखते हुए इस बार मां नंदा सुनंदा की मूर्तियां पिछले साल की तुलना में छोटी बनाई जाएंगी। मूर्तियों को चोला भी हल्का पहनाया जाएगा। मुख्य संयोजक मनोज सनवाल के मुताबिक, मां नंदा सुनंदा के डोले को उठाने के लिए आमतौर पर 10-12 लोगों की जरूरत पड़ती है, लेकिन इस बार मूतियां छोटी और कम वजन की होने से मां के डोले को चार लोग ही उठा सकेंगे। कोरोना महामारी के मद्देनजर भीड़ न जुटे, इसके लिए यह निर्णय लिया गया है।
इधर, महोत्सव में मां नंदा सुनंदा की मूर्तियों के निर्माण के लिए पवित्र कदली वृक्ष लक्ष्मेश्वर से लाए जा रहे हैं। सोमवार को षष्टी के दिन नंदादेवी मंदिर परिसर से एक दल गैस गोदाम स्थित रमेश सिंह नेगी के आवास पर कदली वृक्षों को आमंत्रण देने के लिए गया। कदली वृक्षों की पूजा अर्चना कर उन्हें आमंत्रित किया गया।
राजपुरोहित परिवार के नागेश पंत, हरीश जोशी, तारा जोशी ने कदली वृक्षों की विधिवत पूजा कराई। मंगलवार को सप्तमी के दिन कदली वृक्षों को नगर के विभिन्न बाजारों से होते हुए नंदादेवी मंदिर परिसर लाया जाएगा। उसके बाद दिन में मां नंदा सुनंदा की मूर्तियों का निर्माण कर रात्रि को विधि विधान से मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। कदली वृक्षों को आमंत्रण देने वाले दल में नंदादेवी मंदिर समिति के अध्यक्ष मनोज वर्मा, मुख्य संयोजक मनोज सनवाल, सांस्कृतिक संयोजक तारा चंद्र जोशी, सचिव एलके पंत, सलाहकार दिनेश गोयल, किशन गुरुरानी, व्यवस्थापक अनूप शाह, मुन्ना वर्मा, संयोजक हरीश बिष्ट, अर्जुन सिंह बिष्ट चीमा, अमर नाथ सिंह नेगी आदि शामिल हैं।
रानीखेत में बनने लगी हैं मां नंदा, सुनंदा की मूर्तियां
रानीखेत (अल्मोड़ा)। नंदा महोत्सव के तहत यहां नंदा देवी मंदिर में मूर्तियों का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। यहां पंकज साह, किरन लाल साह, भुवन चंद्र साह, भुवन सती, ललित साह, अनिल वर्मा, गौरव भट्ट आदि कलाकार सोशल डिस्टेंसिंग के साथ मूर्तियों के निर्माण कर रहे हैं। समिति के अध्यक्ष हरीश साह ने बताया कि 26 अगस्त को मूर्तियों में प्राण प्रतिष्ठा होगी।
मूर्ति विसर्जन के साथ गणेश महोत्सव संपन्न
रानीखेत (अल्मोड़ा)। मूर्ति विसर्जन के साथ रानीखेत में तीन दिनी गणेश महोत्सव संपन्न हो गया है। हर साल गणेश महोत्सव को व्यापक रूप से मनाया जाता था। इस दौरान तमाम प्रतियोगिताएं भी आयोजित होती थीं, गणेश मंडल के तत्वावधान में इस बार सादगी से महोत्सव मनाया गया।
जखेड़ा के ग्रामीणों ने गांव में निकाली कलश यात्रा
गरुड़ (बागेश्वर)। जखेड़ा, मवई और नौगांव के ग्रामीण मां कोट भ्रामरी की नंदा की जखेड़ा से पूजा लेकर कोट भ्रामरी मंदिर पहुंचे। जखेड़ा के परिहार वंशज के प्रमुख ईश्वर परिहार ने बताया कि मंगलवार को देवी के भक्त गाजे-बाजे के साथ कदली वृक्ष लेने मवई गांव जाएंगे। कोट भ्रामरी मंदिर के प्रधान भंडारी बलवंत सिंह भंडारी और मेला कमेटी के अध्यक्ष शिव सिंह बिष्ट ने बताया कि कोराना संक्रमण के मद्देनजर मंदिर परिसर में बैरीकेटिंग की गयी देवी के दर्शन करने वालों का स्वास्थ्य विभाग की टीम स्वास्थ्य परीक्षण करेगी।