बंदरों, कुत्तों और जंगली जानवरों से निजात दिलाने की मांग को लेकर महिला कल्याण संस्था के बैनर तले विभिन्न संगठनों के लोगों ने आज से गांधी पार्क में धरना शुरू कर दिया है। इस मौके पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि सरकार बंदरों और कुत्तों से निजात दिलाने के लिए ठोस नीति बनाए, अन्यथा आंदोलन तेज किया जाएगा।
वक्ताओं ने कहा कि बंदरों की संख्या पर अंकुश लगाने के लिए इनका बधियाकरण करना जरूरी है। आरोप लगाया कि बाहरी क्षेत्रों से लाकर बंदर नगर में छोड़े जा रहे हैं। इसके लिए हर चेक पोस्ट पर विशेष निगरानी रखी जाए, ताकि इस पर रोक लगाई जा सके। उन्होंने कहा कि बंदरों को पकड़ना समस्या का समाधान नहीं है, क्योंकि बंदर पकड़कर कुछ दूरी पर छोड़ दिए जाते हैं और वे फिर लौट आते हैं।। इसके अलावा जंगली जानवरों की समस्या से निजात दिलाने के लिए भी ठोस नीति बनाने की मांग सरकार से की गई। उन्होंने कहा कि छह दिसंबर तक धरना दिया जाएगा।
इसके बाद भी मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन तेज कर अनशन शुरू कर दिया जाएगा। संचालन संस्था की सचिव पुष्पा सती ने किया। सभा में महिला कल्याण संस्था की अध्यक्ष रीता दुर्गापाल, अल्मोड़ा अरबन बैंक के अध्यक्ष आनंद बगडवाल, पूर्व पालिकाध्यक्ष शोभा जोशी, डे-केयर सेंटर के जीसी जोशी, पेंशनर्स एसोसिएशन के भगीरथ पांडे, नवीन पाठक, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष महेश परिहार, केवल सती, गोपाल साह, उलोवा के दयाकृष्ण कांडपाल, पूरन तिवारी, व्यापार मंडल महासचिव मनोज पवार, पूर्व सैनिक लीग के पीजी गोस्वामी, ब्रिगेडियर केसी जोशी, घनानंद जोशी, लता पांडे, गायत्री परिवार की मंजू जोशी, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष लता तिवारी, जनवादी समिति की सुनीता पांडे, महिला समिति की कांता नेगी, संतोष रावत वसुधा पंत, सुनैना मेहरा, आशा पंत, राधिका जोशी, मंजू रावत, सरला बिष्ट आदि ने भाग लिया।