अल्मोड़ा। नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में बंदरों का उत्पात बढ़ गया है। बंदर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। हमले में जानें भी जा चुकी हैं। बच्चों का अकेले विद्यालय आना जाना दूभर हो गया है।
जिले के सिमल्टी नागैर, दाड़िमी, सीम, नौगांव, कनोली, बाराकोट, सूरी, पुभाऊं, लोहना, कुंज, आरा, थामथोली, बरम समेत विभिन्न विकासखंडों में कटखने बंदरों के उत्पात से लोग परेशान हैं। बंदर घरों में छतों पर कपड़ों, पौधों और वहां पर रखे सामान को नुकसान पहुंचाते हैं।
छत पर रखे पानी के टैंकों के ढक्कन को निकालकर पानी को गंदा कर देते हैं। बंदर अब लोगों पर हमला भी कर रहे हैं। द्वाराहाट विकासखंड के सिमल्टी नागैर के तोक शिवपुरी निवासी रमेश चंद्र तिवारी ने बताया कि नागैर में 28 सितंबर को बंदरों के एक झुंड ने सब्जी लेकर घर को लौट रही पुष्पा तिवारी पर हमला कर दिया।
इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उन्होंने इस मामले में अल्मोड़ा वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी को ज्ञापन देकर बंदरों के उत्पात से निजात दिलाने की मांग की है। उन्होंने समय से कार्रवाई न होने पर ग्रामीणों को साथ लेकर आंदोलन करने की चेतावनी दी है। उन्होंने बताया कि जंगली जानवरों के बढ़ते आतंक से लोगों का जीना मुहाल हो चुका है।