लॉकडाउन के बाद काफी संख्या में प्रवासी घरों को लौटे हैं। जिसके बाद जिले में 406 प्रवासियों ने अपने मनरेगा जॉब कार्ड बनवाए हैं, जबकि 296 लोगों के नाम उनके परिवार के जॉब कार्ड में दर्ज कराए गए हैं।
जिला विकास अधिकारी केके पंत ने बताया कि 22 बिंदुओं को लेकर प्रवासियों के बारे में सर्वे कर जानकारी जुटाई जा रही है। जिसमें प्रवासी का नाम पता, उम्र, शैक्षिक और व्यवसायिक योग्यता, पहाड़ में किस क्षेत्र में रोजगार करने की इच्छा रखते हैं आदि बिंदुओं पर जानकारी जुटाई जा रही है।
सर्वे में 250 कार्मिक लगाए गए हैं। सर्वे के पश्चात प्रवासियों को उनकी रुचि के अनुरूप सरकार द्वारा संचालित पर्यटन, उद्यान, कृषि, उद्योग, खादी ग्रामोद्योग, मत्स्य पालन समेत अन्य विभागीय योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा, ताकि प्रवासी अपने घरों में ही रोजगार और स्वरोजगार शुरू कर सकें।