भिकियासैंण ब्लॉक में पंचायत चुनाव की मतगणना के दौरान सात साल पहले हुई मारपीट के मामले में बृहस्पतिवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट अशोक कुमार सैनी की अदालत में सुनवाई हुई। इस मामले में सल्ट के विधायक सुरेंद्र जीना और एक अन्य व्यक्ति न्यायिक मजिस्ट्रेट के सम्मुख उपस्थित हुए। न्यायालय ने दोनों को धारा 147, 148, 323, 427, 506 में आरोपित किया है। साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए 27 अक्तूबर की तिथि तय की गई है।
जानकारी के मुताबिक 2008 में पंचायत चुनाव की मतगणना के दौरान भिकियासैंण ब्लॉक में दो पक्षों के बीच मारपीट हो गई थी। संदीप बधानी ने सुरेंद्र जीना (विधायक), महेश जीना, गोपाल सिंह बिष्ट, दरबान सिंह, दयाल गिरि गोस्वामी समेत नौ लोगों के खिलाफ 13 सितंबर 2008 को पुलिस चौकी भिकियासैंण में धारा 147, 148, 149, 325, 427, 506 में रिपोर्ट दर्ज करवाई। जांच के दौरान पुलिस के अन्वेषण अधिकारी ने न्यायालय को सौंपी रिपोर्ट में सुरेंद्र जीना और लाल सिंह को दोषी नहीं पाया। यह मामला न्यायिक मजिस्ट्रेट भिकियासैंण और रानीखेत की अदालतों में चला। इसी बीच रिपोर्टर संदीप बधानी ने सुरेंद्र जीना और लाल सिंह को पुलिस की जांच में आरोप मुक्त किए जाने पर आपत्ति जताई और हाईकोर्ट में अर्जी दी।
हाईकोर्ट ने मामला जिला एवं सत्र न्यायालय अल्मोड़ा को हस्तांतरित कर जांच के आदेश दिए। अभियोजन पक्ष ने धारा 319 में अर्जी दी थी। दो लोगों की गवाही के आधार पर न्यायालय ने सुरेंद्र जीना और लाल सिंह को इस मामले में शामिल होना पाया। दोनों ने गत 26 सितंबर को न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था और जमानत की अर्जी पेश की। न्यायालय ने दोनों को जमानत दे दी थी। एपीओ अरुण कुमार गौड़ ने बताया कि विधायक जीना और लाल सिंह न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में बृहस्पतिवार को उपस्थित हुए। दोनों को धारा 147, 148, 323, 427, 506 आईसी में आरोपित किया गया है। साक्ष्य देने के लिए 27 अक्तूबर की तिथि तय की गई है।