भिकियासैंण ब्लॉक में पंचायत चुनाव की मतगणना के दौरान आठ साल पहले हुए झगड़े के एक मामले में सल्ट के विधायक और एक अन्य आरोपी ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया और कुछ देर बाद उन्हें जमानत मिल गई। न्यायालय में पेश अर्जी को स्वीकार कर न्यायालय ने दोनों को जमानत दे दी।
जानकारी के मुताबिक 2008 के पंचायत चुनाव की मतगणना के दौरान भिकियासैंण ब्लॉक में दो पक्षों के बीच मारपीट हो गई थी। इस प्रकरण पर स्थानीय निवासी संदीप बधानी ने सुरेंद्र जीना (विधायक), महेश जीना, गोपाल सिंह बिष्ट, दरबान सिंह, दयाल गिरि गोस्वामी, समेत नौ लोगों के खिलाफ 13 सितंबर 2008 को पुलिस चौकी भिकियासैंण में धारा 147, 148, 149, 325, 427, 506 में रिपोर्ट दर्ज करवाई। जांच के दौरान पुलिस के अन्वेषण अधिकारी ने न्यायालय को सौंपी रिपोर्ट में विधायक सुरेंद्र जीना और लाल सिंह को दोषी नहीं पाया। यह मामला न्यायिक मजिस्ट्रेट भिकियासैंण और रानीखेत की अदालतों में चला। इसी बीच रिपोर्टर संदीप बधानी ने सुरेंद्र जीना और लाल सिंह को पुलिस की जांच में आरोपमुक्त किए जाने पर आपत्ति जताते हुए हाईकोर्ट में अर्जी दी। हाईकोर्ट ने मामला जिला एवं सत्र न्यायालय अल्मोड़ा को हस्तांतरित कर जांच के आदेश दिए। एपीओ राहुल गौतम ने बताया कि अभियोजन पक्ष द्वारा धारा 319 की अर्जी दी और न्यायालय में दो गवाह पेश किए। गवाही के आधार पर न्यायालय ने सुरेंद्र जीना और लाल सिंह को इस मामले में शामिल होना पाया।
श्री गौतम ने बताया कि सुरेंद्र जीना और लाल सिंह ने शनिवार को न्यायालय में आत्मसमर्पण किया। न्यायालय के आदेश पर दोनों को कुछ समय के लिए न्यायिक हिरासत में लिया गया। बाद में दोनों ने अदालत में जमानत की अर्जी पेश की। न्यायिक मजिस्ट्रेट अशोक कुमार सैनी ने सुनवाई के बाद दोनों को जमानत दे दी।