रानीखेत तहसील के मजखाली कस्बे में विकास कार्यों का क्रियान्वयन नहीं होने से गुस्साए ग्रामीणों ने विधानसभा चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी है। ग्रामीणों का कहना है कि मुख्यमंत्री द्वारा स्वीकृत कार्यों को अमलीजामा नहीं पहनाया जा रहा है, कई जनप्रतिनिधि कार्यों में अड़ंगा डाल दे रहे हैं, रही सही कसर विभाग पूरी कर दे रहे हैं। ग्रामीण जनप्रतिनिधि इसके लिए गांव-गांव में जनसंपर्क में जुट गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि कई वर्ष पहले मजखाली-बटुलिया मोटर मार्ग को स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन वन विभाग ने स्वीकृति के बावजूद आज तक पेड़ों का निस्तारण नहीं किया। द्वारसौं-काकड़ीघाट मोटर मार्ग में डामरीकरण होना था, लेकिन एक राष्ट्रीय दल से जुड़े एक ठेकेदार के दबाव में यह कार्य काकड़ीघाट से द्वारसौं की तरफ कराया जा रहा है। गोलूछिना-श्रीखेत मोटर मार्ग का डामरीकरण नहीं हुआ, महिला डाक्टर की नियुक्ति नहीं हो रही है। मजखाली-दिगोटी मोटर मार्ग का शिलान्यास तो हो गया, लेकिन विभाग में यह सड़क स्वीकृत ही नहीं है। कुंवाली-ऐना, मजखाली-क्वैरला मोटर मार्ग भी अस्तित्व में नहीं आ सके हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि मजखाली और इससे जुड़े गांवों को रानीखेत विधानसभा में शामिल करने की मांग भी अभी तक पूरी नहीं हुई है। विकास कार्यों में निर्माण नहीं होने के कारण ग्रामीण आहत हैं, इसीलिए इस बार विस चुनाव का बहिष्कार होगा। इसके लिए गांव-गांव में जन संपर्क चल रहा है। इस संबंध में प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन भेजा गया है, जिसमें प्रधान नंद राम, राजेंद्र नाथ गोस्वमी, सीमा बिष्ट, भीम सिंह, चंदन सिंह, बालम सिंह, पान सिंह, खष्टी देवी, भवानी देवी, अरविंद सिंह सहित तमाम प्रधानों और पंचायत प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर शामिल हैं।