चौखुटिया (अल्मोड़ा)। ऑपरेशन स्वास्थ्य आंदोलन के तहत रामगंगा आरती घाट पर चल रहे आमरण अनशन के अनशनकारी भुवन सिंह कठायत को पुलिस ने बसरखेत के खौला से सुरक्षित ढूंढ़ निकाला। सोमवार से लापता भुवन का मोबाइल बुधवार शाम को खुला। उनके मोबाइल से एक वीडियो पोस्ट साझा की गई, इस पर पुलिस ने तत्काल ट्रैक कर तत्परता दिखाते हुए उन्हें पकड़ लिया।
भुवन के सकुशल मिलने से सभी आंदोलनकारियों और भुवन के परिवार ने राहत की सांस ली। भुवन का अचानक गायब हो जाना एक पहेली बन गया था। पुलिस प्रशासन पर अंगुली उठने लगी थी। भुवन को ढूूढने बाद पुलिस प्रशासन ने भी चैन की सांस ली है। ऑपरेशन स्वास्थ्य आंदोलन के मुख्य आंदोलनकारियों में से एक भुवन सिंह कठायत सोमवार को अचानक लापता हो गए थे। उन्हें अंतिम बार चौखुटिया के पास गोदी में बाजार की ओर जाते हुए देखा गया, इसके बाद उनका मोबाइल स्विच ऑफ मिल रहा था। परिजनों के देर शाम जब उनसे संपर्क नहीं हो पाया तो पूरे क्षेत्र में खोजबीन शुरू हुई थी, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। अगले दिन परिजनों ने पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही थी। पुलिस ने बुधवार को बसरखेत के खौला से सुरक्षित ढूंढ़ निकाला।
आंदोलन के तहत जारी रहा अनशन
इधर आंदोलन के तहत बुधवार को भी अनशन जारी रहा। अनशन स्थल पर लोगों भारी भीड़ उमड़ रही है। सुंदर सिंह और बचे सिंह बुधवार को भी आमरण अनशन पर डटे रहे। कुंवर सिंह, भुवन पहाड़ी, ललिता बिष्ट और मनोहर दत्त तिवारी क्रमिक अनशन पर बैैठे। विधायक प्रतिनिधि नंदन सिंह मेहरा, दिनेश मनराल, खीम सिंह, खष्टी अधिकारी, पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी आदि ने आंदोलन कोे समर्थन दिया।
सुबह गुमशुदी का पोस्टर जारी किया तो शाम को तलाश लिया
ऑपरेशन स्वास्थ्य आंदोलन के तहत लापता मुख्य अनशनकारी भुवन सिंह कठायत का पुलिस ने बुधवार की सुबह गुमशुदगी का पोस्टर भी जारी किया था। भुवन की माता और पत्नी ने भी प्रशासन से भावुक अपील कर उन्हें सुरक्षित ढूंढ निकालने की मांग की थी। उनका सुराग न लगने से आंदोलनकारी पुलिस पर उन्हें तलाशने में तत्परता न दिखाने के आरोप लगा रहे थे, लेकिन शाम को उनकी ओर से पोस्ट साझा होने के बाद पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।