प्रवासी लोगों की मांग पर मुंबई के विधायक ने वहां की मीरा रोड को उत्तराखंड के मूलवासी गौरी दत्त बिनवाल मार्ग पर रखने की घोषणा की है।
पांच दिसंबर 1943 को ककलासौं के सिनौड़ा में जन्मे गौरी दत्त बिनवाल ने 1968 में मुंबई आने के बाद जब एसपी जैन परिवार से जुड़कर जीवन के सफर की शुरुआत की थी, तब किसी को यह मालूम नहीं था कि साधारण से परिवार में जन्मा यह व्यक्ति मुंबई महानगर में उत्तराखंडी समाज की पहचान बनेगा।
लंबे समय तक लोगों की सेवा करने के बाद बिनवाल ने 10 सितंबर 2000 को उत्तराखंड वासियों को आपस में जोड़ने, सहयोग करने, उत्तराखंडी संस्कृति रीति रिवाजों को मुंबई में भी जिंदा रखने के उद्देश्य से मीरा रोड पर उत्तरांचल मित्र मंडली की स्थापना की।
भिकियासैंण ब्लॉक लौकोट निवासी पूर्व कोषाध्यक्ष रेवाधर जोशी ने बताया संस्था सक्रिय है। इसने बाढ़ पीड़ितों को भोजन, कपड़ा, बर्तन, आर्थिक सहायता के साथ कई क्षेत्रों में मेडिकल कैंप लगाए।
जिनसे संस्था कुछ ही समय में काफी लोकप्रिय हो गयी। इसी से मुंबई में उत्तराखंड के लोगों पहचान भी बनी। 2003 में गौरी दत्त की मृत्यु के बाद लोगों ने महानगर पालिका से मीरा रोड का नाम गौरी दत्त बिनवाल के नाम रखने का आग्रह किया था।
जिस पर सोमवार को मेरा बहंदर सीट मुंबई के विधायक नरेंद्र महता की उपस्थिति में मीरा रोड का नाम गौरी दत्त बिनवाल रखा गया।
बताते हैं कि हल्द्वानी का एक छात्र एक लाख रुपये लेकर जब कैंसर का इलाज कराने मुंबई पहुंचा तो अस्पताल ने पहले सात लाख रुपये जमा करने को कहा तब गौरी दत्त ने ही तीन लाख की बड़ी रकम लोगों से जुटाकर उसे दी थी।