अल्मोड़ा/बागेश्वर। इक्कीस सूत्रीय मांगों के समाधान की मांग को लेकर उत्तरांचल फेडरेशन ऑफ मिनिस्टीरियल सर्विसेज एसोसिएशन के बैनर तले सरकारी विभागों के मिनिस्टीरियल कर्मियों ने चौथे दिन भी दो घंटे कार्य बहिष्कार किया। अपने-अपने विभागों के कार्यालय प्रांगणों में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया और सरकार से समस्याओं के जल्द समाधान की मांग उठाई।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से चल रहे आंदोलन के बाद भी सरकार मांगों का समाधान करने में रुचि नहीं ले रही है, जिससे कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। उन्होंने सरकार से पुरानी पेंशन बहाली की मांग उठाई और कहा कि संशोधित एसीपी का लाभ कार्मिकों को मिले। उन्होंने कहा कि मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को गृह जिले में तैनाती और 6600 ग्रेड वेतन देने की मांग भी पूरी नहीं की जा रही है।
उन्होंने सरकार द्वारा समस्याओं का समाधान नहीं किए जाने पर कड़ा आक्रोश जताया और नारेबाजी की। चेताया कि यदि समस्याएं जल्द हल नहीं की गई तो फेडरेशन आंदोलन तेज करने को बाध्य होगा। सिंचाई विभाग कार्यालय प्रांगण में हुए प्रदर्शन में ललित मोहन भट्ट, प्रकाश, विमला, आशा राना, दरवान सिंह, हर सिंह, सुदर्शन पांडे आदि ने भाग लिया। इधर शिक्षा विभाग, विकास भवन, कलक्ट्रेट समेत अन्य विभागों के कार्मिकों ने भी दो घंटे कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। फेडरेशन के मंडलीय अध्यक्ष धीरेंद्र कुमार पाठक, जिला अध्यक्ष सीएस नैनवाल, जिला मंत्री पुष्कर सिंह भैसोड़ा ने शासन से मागों का समाधान कर शीघ्र शासनादेश जारी करने की मांग की है।
बागेश्वर विकासभवन परिसर में कर्मचारियों ने दो घंटे कार्य बहिष्कार कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उत्तराखंड फेडरेशन ऑफ मिनिस्टीरियल सर्विसेज एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अनिल जोशी ने बताया कि पूर्व में फेडरेशन के सदस्यों की अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में समस्याओं का जल्द निराकरण करने का आश्वासन दिया गया था। इसके बाद भी कर्मचारियों की सभी मांगें जस की तस हैं। कहा कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं कर दिया जाता, कर्मचारी संघर्ष करते रहेंगे। इस मौके पर शंकर नायक, महिमन सिंह, शंकर काला, राम सिंह आदि मौजूद रहे।