अल्मोड़ा में सीईओ कार्यालय प्रांगण में प्रदर्शन कर नारेबाजी करते मिनिस्ट्रीयल कर्मी।
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अल्मोड़ा। उत्तरांचल फेडरेशन ऑफ मिनिस्टीरियल सर्विसेज एसोसिएशन उत्तराखंड के बैनर तले विभिन्न विभागों के मिनिस्टीरियल कर्मियों का 21 सूत्रीय समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर आंदोलन जारी है। मिनिस्टीरियल कर्मियों ने मंगलवार को भी अपने-अपने विभागीय कार्यालय प्रांगण में बांह पर काला फीता बांधकर प्रदर्शन किया।
अल्मोड़ा में शिक्षा विभाग के मिनिस्टीरियल कर्मचारी मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय प्रांगण में एकत्र हुए और नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली की मांग सरकार पूरी नहीं कर रही है। संशोधित एसीपी का लाभ देने की मांग भी लंबित है। मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को 6600 ग्रेड वेतन देने और मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को गृह जिले में पदोन्नति देने की मांग भी अधूरी पड़ी है। विभागों में मिनिस्टीरियल कर्मियों के काफी कम पद हैं, जिससे कार्मिकों पर कार्य का अतिरिक्त बोझ बढ़ रहा है। उन्होंने विभागों में मिनिस्टीरियल संवर्ग में अतिरिक्त पदों का जल्द सृजन करने की मांग की।
इसके अलावा उन्होंने मृतक आश्रित को प्रथम नियुक्ति दुर्गम में दिए जाने की बाध्यता भी समाप्त करने की मांग उठाई। आरोप लगाया कि लंबे समय से चल रहे आंदोलन के बाद भी सरकार मांगों का समाधान नहीं कर रही है। जल्द सभी समस्याओं का समाधान सरकार नहीं करती है तो आंदोलन तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में जिला मंत्री पुष्कर सिंह भैसोड़ा, जगदीश सोनल, सौरभ चंद, मुकेश जोशी, अर्जुन नेगी, कमल बिष्ट, सुरेंद्र भाकुनी, संजू कनवाल आदि थे।