चौखुटिया (अल्मोड़ा)। हिमालयन प्राकृतिक चिकित्सालय योग एवं अनुसंधान केंद्र हरक सिंह स्टेट तिमिलखाल के पहले वार्षिक सम्मेलन में प्राकृतिक चिकित्सा उपचार पद्यति के बारे में लोगों को जानकारी दी गई। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. जोगेंदर सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड में संसाधनों की कमी नहीं है हम दूसरों की प्रगति को देखकर सीखने का प्रयास नहीं कर रहे हैं। इस मौके पर उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोक गायक हीरासिंह राणा सहित कई लोगों को सम्मानित किया गया।
लोक गायक हीरासिंह राणा ने आ हा रे जमाना ओ हो रे जमाना, बड़ बूढों क य जमाना.. की प्रस्तुति दी। हरीश मधुर ने लोक संस्कृति पर आधारित कार्यक्रम प्रस्तुत किया। राउमावि भटकोट के छात्रों ने छोलिया नृत्य समेत कई कार्यक्रम प्रस्तुत किए। राउमावि तिमिलखाल के छात्रों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष नाथूसिंह रावत व संचालन चंद्रप्रकाश फुलोरिया ने किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि एसडीएम आरके पांडे, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कांता रावत, आईएफएफडीसी के परियोजना समन्वयक देश दीपक यादव, ज्योति रावत, डॉ. गणेश बिष्ट, डॉ. रमेश, त्रिभुवन नौटियाल, तरुण रावत, नृपेंद्र जोशी, टीडी शर्मा, दीपा मासीवाल, कमला फुलोरिया, अमर सिंह रावत, शंकर जोशी, रामस्वरूप मासीवाल, जितेंद्र बंगारी, खीमानंद मासीवाल, ब्बलू रावत, अरविंद बिष्ट, गोपाल मासीवाल आदि मौजूद थे।
मां की सीख खींच लाई पहाड़
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। डॉ.जोगेंदर सिंह रावत ने तिमिलखाल से तीन किलोमीटर दूर हरकसिंह स्टेट में प्राकृतिक चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र खोला है। वह मरीजों का उपचार निशुल्क करते हैं। डॉ. रावत ने बताया कि वह अपनी माता स्व. पदमा देवी की प्रेरणा व उनके द्वारा बचपन में कही गई बात को मद्देनजर रखते हुए दिल्ली छोड़कर पहाड़ में लौटे हैं। जब वे तिमिलखाल में पांचवीं कक्षा मेें पढ़ते थे तो मां ने उनसे पहाड़ को कभी नही भूलने को कहा था। उनका कहना है कि इस चिकित्सालय के माध्यम से अल्मोड़ा जिले का नाम रोशन करना चाहता हूं। यहां प्राकृतिक चिकित्सा के साथ ही एलोपैथिक, आयुर्वेदिक व होम्योपैथिक के क्षेत्र में भी कार्य कर पलायन रोकने का प्रयास किया जाएगा।