ईको टॅूरिज्म को बढ़ावा देने की बातें सिर्फ हवा हवाई हैं। विभाग द्वारा सिर्फ कागजों में काम दिखाकर वाहवाही लूटी जा रही है। तीन महीने पहले पर्यटन विभाग ने कसारदेवी में एडवेंचर स्पोर्ट्स के तहत माउंटेन बाइक कलेक्शन सेंटर बनाने के दावे किए थे। स्पोर्ट्स सेंटर तो बना नहीं, लेकिन लाखों कीमत की 30 इंपोर्टेड साइकिल और अन्य सामान मंगा लिया गया। वर्तमान में 20 साइकिल पर्यटन विभाग के गोदाम में खराब हो रही हैं और दस साइकिल एक निजी कैफे को संचालन के लिए दे दी गई हैं। किराए में दी गई साइकिलों से पर्यटन विभाग को कितनी आमदनी और अब तक इसका कितने पर्यटकों ने लाभ उठाया, इसके बारे में विभाग के अधिकारियों को कोई जानकारी नहीं है। माउंटेन बाइक कलेक्शन सेंटर बनाने के लिए भी विभाग ने शासन से अनुमति नहीं ली है।
पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने करीब चार पांच माह पहले कसारदेवी में एडवेंचर स्पोर्ट्स सेंटर खोलने की बात कही थी। जिसके तहत पर्यटकों और स्थानीय युवकों को प्रति घंटा किराये की दर से साइकिल उपलब्ध कराई जानी थी, लेकिन आज तक न जमीन मिली और न ही स्पोर्ट्स सेंटर तैयार हुआ। कितनी राशि का भवन बनना है यह भी विभागीय अधिकारियों को पता नहीं। स्पोर्ट्स सेंटर के लिए विभाग ने 50-50 हजार रुपये का इंपोर्टेड साइकिलें मंगाकर रख लीं। 30 साइकिलों में से 20 साइकिल पर्यटन विभाग के गोदाम में पड़ी हैं जबकि दस साइकिल तीन माह पहले कसारदेवी में एक निजी कैफे को संचालन करने के लिए सौंप दी गई। लोगों का कहना है कि सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग किया जा रहा है वह भी सरकार से अनुमति लिए बगैर। दूसरी तरफ विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने साइकिल के संचालक कैफे से अनुबंध भी किया है लेकिन आज तक कितने पर्यटक साइकिल का उपयोग कर रहे हैं और विभाग को इससे क्या आमदनी हुई इसका अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं है।
करीब 15 लाख रुपये की हैं 30 साइकिल
अल्मोड़ा। 30 इंपोर्टेड साइकिलें 15 लाख रुपये की हैं। इसके अलावा विभाग को स्पोर्ट्स सेंटर के लिए वाटर टैंक समेत अन्य सामान भी मिला हुआ है। पर्यटन अधिकारी का कहना है कि वाटर टैंक समेत अन्य सामान उन्होंने जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में रखवाया है। यहां एडवेंचर कोर्स की ट्रेनिंग कराने पर विचार किया जा रहा है।
इन्सेट-
कोट- माउंटेन बाइक कलेक्शन सेंटर खोलने के लिए शासन से अनुमति ली जाएगी। इंपोर्टेड साइकिलों को ट्रायल के तौर पर चलाया गया है। इसके लिए कैफे संचालक से अनुबंध किया है। जिसमें आमदनी का 50 प्रतिशत विभाग को और बाकी वह अपने पास रखेगा। आचार संहिता के बाद पूरा ब्यौरा लिया जाएगा। कुछ साइकिल पर्यटन विभाग के गोदाम में रखी हैं उनका भी जल्द ही संचालन किया जाएगा।
जिला पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे।